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नवजात को कूड़े में फेंका
– फोटो : अमर उजाला
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मां… मैं तो तुम्हारा अंश थी। मुझे ऐसे मरने के लिए क्यों छोड़ दिया। आपने मेरे लिए नौ महीने दर्द सहे, फिर ऐसी क्या मजबूरी थी जो इस कदर अपने से जुदा कर दिया। यह पुकार लोहियानगर के डंपिंग ग्राउंड में शुक्रवार को मिली एक नवजात की है। वह अभी बोल नहीं सकती, लेकिन उसके यह सवाल मां के साथ समाज से भी हैं। इस नन्ही जान को बैग में बंद करके कूड़े के ढेर पर फेंक दिया। गनीमत रही कि कूड़ा बीनने वाले बच्चों ने उसके रोने की आवाज सुन ली… वरना ये मासूम भूखे कुत्तों का निवाला बन जाती।
रोजाना की तरह लोहिया नगर स्थित डंपिंग ग्राउंड में कुछ बच्चे कूड़ा बीन रहे थे। अचानक उन्होंने कूड़े के ढेर में एक बच्ची के रोने की आवाज सुनी। उन्होंने देखा कि आवाज एक बैग से आ रही थी। बैग खोला तो सभी अवाक रह गए। कपड़े में एक नवजात बच्ची लिपटी हुई थी।
थोड़ी देर होती तो भूखे कुत्ते मासूम को बना डालते निवाला
सूचना पर पहुंची खरखौदा पुलिस ने बच्ची को एक निजी अस्पताल की नर्सरी में भर्ती कराया। पुलिस ने बच्ची का इलाज अपने खर्च पर कराया। चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची का जन्म 12 घंटे पहले हुआ है। लोगों ने बताया कि अगर कूड़ा बीनने वाले बच्चों को रोने की आवाज नहीं आती तो यहां पर मांस के लोथड़े की वजह से आने वाले भूखे कुत्ते उसको नोंचकर खा जाते।
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