उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बीते सितंबर में महंगी बिजली खरीद के घाटे से जूझ रहे ऊर्जा निगम को राहत देने के लिए 6.5 प्रतिशत सरचार्ज लगाया था। यह राहत सात माह के लिए थी, लेकिन यूपीसीएल ने जो नया प्रस्ताव दिया उसमें स्वयं ही इसे अगले साल के लिए भी लागू मान लिया।
सितंबर 2022 से मार्च 2023 के लिए था सरचार्ज यूपीसीएल ने महंगी बिजली खरीद के घाटे से उबरने के लिए नियामक आयोग में 1355 करोड़ 41 लाख रुपये उपभोक्ताओं से बतौर सरचार्ज वसूली की गुहार लगाई थी। जनसुनवाई के बाद नियामक आयोग ने यूपीसीएल को 6.5 प्रतिशत सरचार्ज बढ़ोतरी करते हुए बिजली बिल वसूलने की अनुमति दी। इसकी मियाद एक सितंबर 2022 से 31 मार्च 2023 तक रखी गई थी। आयोग का कहना था कि इससे यूूपीसीएल को 380 करोड़ रुपये की कमाई होती। आयोग ने इसके साथ ही 1100 करोड़ की राजस्व कमाई का पूरा फार्मूला भी दिया था।
इस गलती पर पकड़ा गया यूपीसीएल यूपीसीएल ने 15 दिसंबर को नियामक आयोग में जो टैरिफ बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है, उसमें 6.5 प्रतिशत बढ़े हुए सरचार्ज को भी शामिल कर लिया। नियमानुसार, यूपीसीएल को अपने टैरिफ प्रस्ताव में एक सितंबर से पूर्व की दरें बताते हुए, उसमें जरूरत के हिसाब से नई दरों को जोड़कर प्रस्ताव देना था। मसलन, घरेेलू श्रेणी में 0-100 यूनिट वालों के लिए बिजली दर 2.90 रुपये प्रति यूनिट थी, जो कि एक सितंबर से 31 मार्च 2023 तक 2.95 रुपये प्रति यूनिट हुई थी। यूपीसीएल को नए टैरिफ प्रस्ताव में पुरानी यानी 2.90 रुपये प्रति यूनिट को ही बेस बनाकर बढ़ोतरी की मांग करनी चाहिए थी।
नियामक आयोग को जो टैरिफ बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा गया था, उसमें आयोग ने कुछ आपत्तियां लगाई हैं। इन आपत्तियों को दूर करते हुए जल्द ही हम दूसरा प्रस्ताव आयोग के सामने पेश करेंगे। – अनिल कुमार, एमडी, यूपीसीएल
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उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बीते सितंबर में महंगी बिजली खरीद के घाटे से जूझ रहे ऊर्जा निगम को राहत देने के लिए 6.5 प्रतिशत सरचार्ज लगाया था। यह राहत सात माह के लिए थी, लेकिन यूपीसीएल ने जो नया प्रस्ताव दिया उसमें स्वयं ही इसे अगले साल के लिए भी लागू मान लिया।
सितंबर 2022 से मार्च 2023 के लिए था सरचार्ज
यूपीसीएल ने महंगी बिजली खरीद के घाटे से उबरने के लिए नियामक आयोग में 1355 करोड़ 41 लाख रुपये उपभोक्ताओं से बतौर सरचार्ज वसूली की गुहार लगाई थी। जनसुनवाई के बाद नियामक आयोग ने यूपीसीएल को 6.5 प्रतिशत सरचार्ज बढ़ोतरी करते हुए बिजली बिल वसूलने की अनुमति दी। इसकी मियाद एक सितंबर 2022 से 31 मार्च 2023 तक रखी गई थी। आयोग का कहना था कि इससे यूूपीसीएल को 380 करोड़ रुपये की कमाई होती। आयोग ने इसके साथ ही 1100 करोड़ की राजस्व कमाई का पूरा फार्मूला भी दिया था।