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Mehbooba Mufti
– फोटो : संवाद
विस्तार
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी का आह्वान करते हुए कहा कि पंडितों के बगैर कश्मीर अधूरा है। इनकी वापसी के बाद ही प्रदेश में निराशा का माहौल खत्म होगा। वह दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा इलाके के थजिवारा में छोटा अमरनाथ मंदिर में कश्मीरी पंडितों के साथ विशेष वार्षिक हवन में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रही थीं। महबूबा ने मंदिर में घाटी में पंडितों की वापसी के लिए प्रार्थना की।
महबूबा ने कहा, मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं, हमारे दुखों को दूर करें। कहा, एक दिन ऐसा आएगा जब हम कश्मीरी पंडितों और मुस्लिम भाइयों और बहनों को यहां एक साथ आनंद लेते हुए देखेंगे। मैं प्रार्थना करती हूं कि हमारे कश्मीरी पंडित भाई जो जम्मू या दिल्ली में हैं या कहीं और हैं वह अपने घरों को लौटें और पहले की तरह सम्मान के साथ अपना जीवन जिएं।
महबूबा मुफ्ती ने रक्षा बंधन के दौरान कश्मीरी पंडित समुदाय को उनके वार्षिक हवन के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कश्मीरी पंडित समुदाय के रीति-रिवाजों की प्रशंसा की।
इल्तिजा ने भाजपा पर साधा निशाना
इस बीच, महबूबा की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने भाजपा पर बच्चों के मन में जहर घोलने का आरोप लगाया। अपनी मां के साथ आईं इल्तिजा ने मीडिया से कहा, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने सोशल मीडिया पर कई वीडियो देखे हैं जहां बच्चे घृणित नारे लगा रहे हैं। वह सोशल मीडिया पर वायरल उत्तर प्रदेश के मुजफ्फर नगर के एक वीडियो के बारे पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रही थीं, जिसमें एक शिक्षिका कक्षा 2 के छात्रों से एक सहपाठी को थप्पड़ मारने के लिए कह रही थी।
राज्य का दर्जा बहाल करना नहीं, अनुच्छेद 370 महत्वपूर्ण मुद्दा
पीडीपी ने कहा कि अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने का केंद्र का फैसला एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, न कि राज्य का दर्जा बहाल करना। पार्टी की यह टिप्पणी तब आई जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जम्मू-कश्मीर का केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा स्थायी नहीं है और सरकार 31 अगस्त को राज्य का दर्जा बहाल करने पर एक विस्तृत बयान देगी।
पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता सुहैल बुखारी ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं का लक्ष्य बदलना चाहती है। हम जानते हैं कि भाजपा और आरएसएस का शासन शुरू से ही, जम्मू-कश्मीर की आकांक्षात्मक उपलब्धि के लक्ष्य को बदलना चाहता है। हम कश्मीर के समाधान के बारे में बात करते थे। उसके बाद, उन्होंने राज्य का दर्जा छीन लिया, और केंद्र शासित प्रदेश का गठन किया गया , तो चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं।
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