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बाबा बेलखरनाथ।
– फोटो : अमर उजाला
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बेलखरनाथ शिव मंदिर आज भी अपनी पौराणिक मान्यता के साथ ऐतिहासिक धरोहर समेटे हुए है। भगवान श्रीराम ने वन गमन के दौरान राजा बेल के शासन में इस मंदिर की स्थापना की थी। राजा बेल के नाम से प्रसिद्ध मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। शिवरात्रि पर करीब पांच हजार से अधिक शिवभक्तों की भीड़ जलाभिषेक के लिए धाम पर पहुंचती है।
जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर सई नदी के किनारे विशाल टीले पर स्थित बेलखरनाथ शिवधाम अपनी पौराणिक और ऐतिहासिक कहानियों के लिए विख्यात है। मंदिर परिसर में शिवलिंग के अलावा राम जानकी मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर के साथ राम भक्त हुनमान की भी मंदिर है। मंदिर परिसर में सराय और धर्मशाला भी बना हुआ है।
मंदिर की पौराणिकता के बारे में मुख्य पुजारी ब्रदीनाथ गिरि ने बताया कि वर्ष 1916 में छपी पुस्तक वत्स गोत्र चौहाल की वंशावली में गोपाल कवि ने उल्लेख किया है कि बेल राजा के शासन काल में भगवान श्रीराम ने वनवास जाते समय शिवलिंग की स्थापना इसी स्थान पर की थी।
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