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हरीश रावत
– फोटो : amar ujala
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महिला आरक्षण पर पूर्व सीएम हरीश रावत का बयान सामने आया है। उन्होंने देश की महिलाओं को इस अवसर बधाई दी। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि वर्ष 2008 में पूर्व पीएम डाॅ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने महिला आरक्षण बिल को राज्यसभा में भारी बहुमत से पारित कराया था। इसके बाद बिल को जब लोकसभा में रखने का प्रयास किया, तब भाजपा सांसदों ने इसका घोर विरोध किया था।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि केंद्र सरकार ने नौ साल से इस बिल को अटका रखा था। अब बिल पास होने पर उन्होंने महिलाओं को बधाई दी। दूसरी तरफ कांग्रेस भवन में मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष माहरा ने कहा कि आज राजनीतिक मजबूरी और आगामी लोकसभा चुनाव के चलते भाजपा को महिला आरक्षण बिल लाना पड़ा था। बावजूद इसके कांग्रेस पार्टी इस फैसले का स्वागत एवं समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी से लेकर भारत को दुनिया में अग्रणी देशों की श्रेणी में खड़ा करने में महिलाओं की बराबर की भागीदारी रही है।
बोले माहरा- स्व. राजीव गांधी ने की थी महिलाओं के लिए राजनीति में आरक्षण की परिकल्पना
पहली बार स्व. राजीव गांधी स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने संबंधी विधेयक लाए थे, जिसे स्व. नरसिम्हा राव सरकार ने पारित किया। आज उसी का नतीजा है कि देशभर में स्थानीय निकायों में 15 लाख चुनी हुई महिला प्रतिनिधि हैं। महिलाओं के लिए राजनीति में जिस आरक्षण की परिकल्पना स्व. राजीव गांधी ने की थी, वह इस बिल के पारित होने से पूरी होगी।
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उपाध्यक्ष संगठन मथुरादत्त जोशी ने कहा कि इस बिल के पास होने से महिलाओं को उनका अधिकार प्राप्त होगा। वहीं प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि बिल में जिस तरह से जनगणना और परिसीमन का पेच जोड़ा गया है, उससे भाजपा की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।
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