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शास्त्रों में बताया गया है कि माघ के महीने में कुछ ऐसे कार्य होते हैं जिसे भूलकर भी नहीं करना चाहिए.

माघ का महीने में पूजा,पाठ, अनुष्ठान, जप, तप का फल तभी मिलता है जब व्यक्ति झूठ कटुवचन, ईर्ष्या, लालच का त्याग करता है.

माघ मास में तले हुए गरिष्ठ भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए.

माघ महीने में व्यक्ति झूठ कटुवचन, ईर्ष्या, लालच नहीं करना चाहिए.

माघ माह में व्यक्ति को मांसाहार, शराब जैसे तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए

माघ माह में मूली, धनिया और मिश्री नहीं खाना चाहिए.
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