मानव तस्करी: किशोरी ने बया की यातनाओं की दास्तां, बोली- बुरी तरह पीटते, रखते थे बेहोश…अब तो मौत का इंतजार था

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सांकेतिक तस्वीर

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– फोटो : सोशल मीडिया

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एटा से पकड़े गए मानव तस्करों से रिहा कराई गई किशोरी ने दर्द भरी दास्तां बया की। बताया कि गिरोह के लोग उसे बंधक बनाकर रखते थे। चीखने-चिल्लाने पर पीटते थे और नशीला पदार्थ खिला देते थे। इससे वह कई घंटे तक बेहोश रहती थी। वह दो महीने से इस तरह की यातनाएं झेल रही थी। बताया कि बचने की कोई उम्मीद नहीं थी, अब तो बस मौत का इंतजार था।

पुलिस ने इन बयानों के आधार पर आरोपियों पर गंभीर धाराएं बढ़ाई हैं। रायपुरवा निवासी 14 वर्षीय किशोरी नौ नवंबर को घर से नाराज होकर चली गई थी। डिप्टीपड़ाव में उसे एटा निवासी पूजा नाम की महिला मिली। उसने बातचीत कर उसका विश्वास जीता और मदद का आश्वासन दिया। नशीला पदार्थ खिलाने के बाद पति की मदद से उसे अगवा कर ले गई थी। उसके बाद बदायूं के रहने वाले नत्थूलाल को 50 हजार रुपये में बेच दिया था। नत्थूलाल व उसका लड़का तब से किशोरी को बंधक बनाए थे।

रायपुरवा एसओ अमान सिंह ने बताया कि पीड़िता ने बताया कि ये लोग उसे यातनाएं देते थे। किसी तरह से उसे नत्थूलाल का मोबाइल मिल गया था, जिसके जरिये उसने परिजनों को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उसे बंधनमुक्त कराया था।

छेड़छाड़ करता था, शादी करने की थी तैयारी
एसओ के मुताबिक पीड़िता ने छेड़छाड़ की बात कही है। आरोपी नत्थूलाल का लड़का उससे अभद्रता कर छेड़खानी करता था। उसी से जबरन शादी कराने की तैयारी थी। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, नशीला पदार्थ पिलाने, मारपीट, धमकी आदि की धाराएं बढ़ाई हैं। एसओ ने बताया कि नत्थूलाल के लड़के को भी आरोपी बनाया गया है। जल्द उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।

दुष्कर्म की आशंका, बयान व मेडिकल रिपोर्ट अहम
पुलिस सोमवार को पीड़िता के कोर्ट में बयान कराएगी। मेडिकल भी कराया जाएगा। पुलिस को दिए गए बयान में उसने दुष्कर्म की बात नहीं बताई है। अगर कोर्ट में वह इस संबंध में बयान देती है या मेडिकल में पुष्टि होती है तो आरोपियों पर सामूहिक दुष्कर्म या दुष्कर्म की धारा भी बढ़ सकती है।

मानव तस्कर गिरोह के निशाने पर है शहर
पिछले साल नौबस्ता निवासी सुरेश मांझी को भिखारी गैंग अगवा कर ले गया था। हाथ-पैर तोड़कर और अंधा कर उससे भीख मंगवाई थी। घटना का खुलासा कर पुलिस तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। अब यह दूसरा मामला सामने आया है।

ये आरोपी हुए थे गिरफ्तार
– इकबाल उर्फ राजू, ग्राम सराय अगहत, थाना नयागांव, जिला एटा
– चांदनी उर्फ पूजा, सराय अगहत, थाना नयागांव, जिला एटा
– धनपाल, हरेंडी, थाना उसैहत, जिला बदायूं
– गुड्डू, गांव भकरौली, थाना उसैहत, जिला बदायूं
– हरि सिंह, नई बस्ती भौंती कीलापुर, थाना मिर्जापुर, जिला शाहजहांपुर
– नत्थूलाल, कलिया काजिमपुर, थाना कुंवरगांव जिला बदायूं

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एटा से पकड़े गए मानव तस्करों से रिहा कराई गई किशोरी ने दर्द भरी दास्तां बया की। बताया कि गिरोह के लोग उसे बंधक बनाकर रखते थे। चीखने-चिल्लाने पर पीटते थे और नशीला पदार्थ खिला देते थे। इससे वह कई घंटे तक बेहोश रहती थी। वह दो महीने से इस तरह की यातनाएं झेल रही थी। बताया कि बचने की कोई उम्मीद नहीं थी, अब तो बस मौत का इंतजार था।

पुलिस ने इन बयानों के आधार पर आरोपियों पर गंभीर धाराएं बढ़ाई हैं। रायपुरवा निवासी 14 वर्षीय किशोरी नौ नवंबर को घर से नाराज होकर चली गई थी। डिप्टीपड़ाव में उसे एटा निवासी पूजा नाम की महिला मिली। उसने बातचीत कर उसका विश्वास जीता और मदद का आश्वासन दिया। नशीला पदार्थ खिलाने के बाद पति की मदद से उसे अगवा कर ले गई थी। उसके बाद बदायूं के रहने वाले नत्थूलाल को 50 हजार रुपये में बेच दिया था। नत्थूलाल व उसका लड़का तब से किशोरी को बंधक बनाए थे।



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