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नई दिल्ली: देश की कार बनाने वाली कंपनी मारुति सुजुकी अपनी मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकी है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लाल सागर में हौथी आतंकवादियों द्वारा व्यावसायिक शिपिंग लेन पर लगातार किए जा रहे हमलों की वजह से दुनिया के दूसरी विनिर्माण कंपनियों की तरह ऑटो इंडस्ट्री को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ईरानी समर्थित हौथी आतंकवादियों के हमलों की वजह से लाल सागर क्षेत्र में कंपनियों को व्यापारिक जहाजों के मार्ग में बदलाव करना पड़ा है. इस वजह से वाहन निर्माता कंपनियों को लॉजिस्टिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और वे कारों की कीमतों को बढ़ाने पर मजबूर हैं.
लाल सागर में आतंकी हमले से लॉजिस्टिक चुनौती
समाचार एजेंसी रॉयटर की एक रिपोर्ट के अनुसार, मारुति के इन्वेस्टमेंट रिलेशन चीफ राहुल भारती ने संकेत दिया है कि लाल सागर में ईरान समर्थित हौथी आतंकवादियों के हमले के बाद मारुति सुजुकी को लॉजिस्टिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इस वजह से कंपनी आने वाले महीनों में यात्री वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी करने को मजबूर है.
बढ़ सकती है कारों की वेटिंग पीरियड
एजेंसी की रिपोर्ट में बताया गया है कि मारुति सुजुकी उत्पादन लागत में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रही है, जिसका असर यात्री वाहनों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है. हालांकि, राहुल भारती ने यह नहीं बताया कि मारुति सुजुकी अपनी यात्री कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करेगी या नहीं. उन्होंने कहा कि लाल सागर संकट की वजह से कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करना महत्वपूर्ण नहीं हो सकती है. हालांकि, उन्होंने कहा कि इसकी वजह से कारों की वेटिंग पीरियड जरूर बढ़ सकती है.
मारुति ने जनवरी में ही बढ़ाई है कारों की कीमतें
मारुति सुजुकी ने पिछले महीने के अंत में ही कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की, जो जनवरी 2024 से इसकी सभी यात्री गाड़ियों पर लागू हो गई है. कार निर्माता ने कच्चे माल की बढ़ती लागत और महंगाई के कारण उच्च उत्पादन लागत को मूल्य वृद्धि के कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया. न केवल मारुति सुजुकी बल्कि टाटा मोटर्स, महिंद्रा और होंडा सहित कई अन्य कार निर्माताओं ने अपनी-अपनी कारों की कीमतों में एक से दो फीसदी तक बढ़ोतरी की है.
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