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बच्चे का आपरेशन सफल होने के बाद डॉक्टरों की टीम व पीड़ित बच्चा
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में सात वर्षीय बालक के शरीर से सांस लेने और खांसने पर सीटी की आवाज आ रही थी। पहले तो परिजन सांस के साथ सीटी की आवाज सुनकर चौंक गए। करीब एक सप्ताह बाद बालक की फेफड़े में इंफेक्शन शुरू हुआ तब जाकर प्राइवेट ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर को दिखाया। यहां ऑपरेशन कर सीटी को बाहर निकाला गया। अब बालक की हालत सामान्य है।
खेलते समय निगल गया सीटी
शिकोहाबाद के एटा रोड निवासी सात वर्षीय अंशू कश्यप ने छह फरवरी को चायनीज खिलौने से खेल रहा था। खिलौने की सीटी सांस लेने के साथ अंशू के फेफड़े में फंस गई। यह सीटी बालक के सांस लेने और खांसने पर बज रही थी। जब माता, पिता ने सीटी बजने की आवाज सुनी तो वह हैरत में पड़ गए।
निजी अस्पताल में हुआ ऑपरेशन
परिजन आगरा के एक निजी अस्पताल में ले गए। यहां चिकित्सक ने दवा देकर घर वापस भेज दिया। दवा से आराम नहीं मिला और अंशू के फेफड़े में इंफेक्शन बढ़ने लगा। दो सप्ताह से ज्यादा समय तक दिन-रात सीटी बजने की आवाज सुनकर और बालक के इंफेक्शन बढ़ता देखकर परिजन प्राइवेट ट्रॉमा सेंटर ले आए। यहां सफल ऑपरेशन किया गया।
सामान्य है बच्चे की हालत
ईएनटी सर्जन डॉ. भानु प्रताप सिंह ने एमआरआई कराई तो फेफड़े में सीटी फंसी पाई गई। सोमवार को दूरबीन विधि से बालक के फेफड़े से सीटी निकाली गई। ईएनटी सर्जन डॉ. भानुप्रताप सिंह ने बताया कि फेफड़े में सीटी फंसी होने की वजह से इंफेक्शन बढ़ गया था। कफ भी बाहर नहीं निकल पा रहा था। खांसने और सांस लेने पर सीटी की आवाज भी आती थी। अब बालक की हालत स्थित बनीं हुई है।
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