मिसाल: खुद की बिजली से दूसरों को भी रोशन कर रहा स्कूल, प्रतिदिन 52 यूनिट बिजली हो रही तैयार

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Solan News: Baddi Government School installed four solar plants

बद्दी स्कूल की छत पर लगाया सोलर सिस्टम।
– फोटो : संवाद



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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बद्दी में बिजली का बिल नहीं आ रहा है। स्कूल खुद बिजली तैयार कर रहा है। स्कूल अपने जरूरत पूरी करने के बाद बिजली बोर्ड को अतिरिक्त बिजली दे रहा है। इससे शिक्षा विभाग और स्कूल की हर साल लाखों रुपये बिजली के रूप में खर्च होने से बच गया है। स्कूल के 12 से 15 हजार रुपये प्रति माह बिल आता था लेकिन पिछले छह माह से स्कूल का कोई बिल नहीं आया है।

वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बद्दी में आयुर्वेट कंपनी ने सोलर लाइट प्लांट लगाया है। कंपनी ने स्कूल की चार छतों पर चार प्लांट लगवाए हैं। यह चारों प्लांट काम कर रहे हैं। इन प्लाटों से 12 किलो वॉट बिजली तैयार होती है। स्कूल में प्रतिमाह 12 से 15 हजार रुपये बिजली का बिल आता था। लेकिन अब कोई बिल नहीं आता है बल्कि उल्टा स्कूल बिजली बोर्ड को बची बिजली बेच रहा है।

वाणिज्य के प्रवक्ता रजत ठाकुर ने बताया कि स्कूल की पूर्व प्रधानाचार्य अंजु शर्मा से आयुर्वेट कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर सुनील रेखी और के रविकांत से संपर्क किया। इसके बाद कंपनी ने साढ़े आठ लाख की लागत से चार सोलर सिस्टम स्कूल की छत पर लगाए। इस सिस्टम से 52 यूनिट प्रति दिन बिजली पैदा हो रही है।

रविवार व शनिवार को जब स्कूल बंद होता है तो यह सारी बिजली विद्युत विभाग को सप्लाई हो जाती है। छह माह पूर्व यह सिस्टम शुरू हुआ। अब इससे स्कूल की बिजली की खपत पूरी हो रही है। स्कूल के प्रधानाचार्य रामलाल ने बताया कि जब से यह सिस्टम लगा है तभी से स्कूल में बिजली की कोई समस्या नहीं है। बिजली हमेशा उपलब्ध रहती है। बिजली कट से भी छात्रों को सामना नहीं करना पड़ रहा है।

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