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हिंदू पंचांग के अनुसार, मृत्यु पंचक 13 जनवरी को रात में 11 बजकर 35 मिनट से पंचक शुरू हो रहे हैं, जो 18 जनवरी की सुबह 3 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगा.

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शनिवार को शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहा जाता है
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मृत्यु पंचक के दौरान छत नहीं ढालनी चाहिए.

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पंचक के दौरान ढाली गई छत के नीचे रहने से घर की शांति भंग हो जाती है.
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पंचक के दौरान चारपाई बनवाने की मनाही होती है.

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पंचक के दौरान चारपाई नहीं बनवानी चाहिए.
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पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा बिल्कुल नहीं करना चाहिए.

पंचक काल के दौरान अगर किसी की मृत्यु हो जाती है, तो पंचक दोष के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए शव के साथ 5 कुश या आटा के पुतले बनाकर रखे जाते हैं. शव के साथ इन पांचों पुतलों को पूरे विधि के साथ अंतिम संस्कार किया जाता है.
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