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चंबा से शिमला पहुंचा नेहा का परिवार।
– फोटो : अमर उजाला
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मैं सीएम के हाथों मेडल लेना चाहती थी। पापा दर्जी हैं। मैंने ही उन्हें शिमला आने के लिए तैयार किया। वीरवार सुबह 10:45 बजे पापा के साथ अपने गांव धारपड़ा से 6 किमी पैदल चलकर चंबा पहुंचीं। वहां से शिमला के लिए बस ली। 14 घंटे के सफर के बाद सुबह 4:00 बजे शिमला पहुंचे। यह कहना था नेहा कुमारी का। वह चंबा की रहने वाली हैं और 12वीं की टॉपर हैं। मौका था अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह का।
दरअसल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के हाथों मेडल पहनने के लिए 10वीं और 12वीं के कई टॉपर एक दिन पहले वीरवार को ही घर से शिमला के लिए रवाना हो गए थे। आपदा के चलते कई जगह सड़कें बंद थीं। ऐसे में कुछ टॉपर मम्मी-पापा के साथ कई किलोमीटर पैदल चले, कई बसें और टैक्सियां बदलीं। लेकिन सभी शुक्रवार सुबह शिमला पहुंच गए। सुबह चेहरे पर जो थकान थी, वह मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर दूर हो गई। अभिभावक भी लाडलों को सम्मानित होता देखकर फूले नहीं समा रहे थे।
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