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नगर पालिका सरधना में सपा प्रत्याशी सबीला बेगम की जीत पर बसपा प्रत्याशी सुमन पंवार ने गले मिलकर दी बधाई।
– फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में निकाय चुनाव में अभी तक मेयर पद पर काबिज रहने वाली बसपा इस बार हाशिए पर पहुंच गई। पिछले कुल पांच नगर निगम चुनाव में तीन बार बसपा का मेयर चुना गया। साल 2017 में बसपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा ने भााजपा की कांता कर्दम को शिकस्त दी थी। वहीं इस बार बसपा प्रत्याशी चौथे स्थान पर पहुंच गए। पार्टी के पार्षदों की संख्या भी छह पर सिमट गई।
बसपा अभी तक अपने परंपरागत दलित वोट बैंक के साथ ही मुस्लिम मतों के जरिए जीत का स्वागत चखती रही है। पहली बार 1995 में नगर महापालिका चुनाव में अय्यूब अंसारी जीते। इसके बाद वर्ष 2000 में बसपा से ही शाहिद अखलाक मेयर बने।
इसके बाद भाजपा की मधु गुर्जर और हरिकांत अहलूवालिया ने जीत हासिल की जबकि 2017 में फिर से बसपा की सुनीता वर्मा मेयर बनीं। सियासी जानकारों की मानें तो दलित और मुस्लिम समीकरण बसपा को जीत दिलाने में महती भूमिका निभाते रहे।
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