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महाश्मशान मणिकर्णिका घाट
– फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के मणिकर्णिका घाट से तारकेश्वर मंदिर तक की इमारत को नागर शैली में विकसित किया जाएगा। तारकेश्वर महादेव मंदिर तक तीन मंजिला और तारकेश्वर महादेव से दत्तात्रेय पादुका तक (300 से 400 मीटर) का निर्माण होगा। इसके तहत घाट से लेकर मंदिरों के जीर्णोद्धार का काम कराया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने इसके लिए योजना बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी आगमन के दौरान मणिकर्णिका घाट के जीर्णोद्धार और पुनर्विकास के काम का शिलान्यास कर सकते हैं। प्रशासन दौरे को लेकर अपनी तैयारियों को अमली जामा पहनाने में जुट गया है।
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24 घंटे शवदाह वाला दुनिया का एकमात्र मोक्ष स्थल
मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास का काम सीएसआर फंड से होगा। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) की ओर से भी इसे लेकर अनुमति मिल चुकी है। इसमें मणिकर्णिका कुंड, रत्नेश्वर महादेव मंदिर का भी सुंदरीकरण किया जाएगा। पौराणिक मान्यता वाली धार्मिक यात्रा पंचक्रोशी परिक्रमा की शुरुआत और समापन भी यहीं होता है। इसके अलावा 24 घंटे शवदाह वाले दुनिया के एकमात्र मोक्ष स्थल को देखने के लिए पूरी दुनिया से पर्यटक भी रोज यहां आते हैं।
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