मौसम का असर: भूस्खलन तो कहीं बाढ़, श्रीनगर में झेलम का जलस्तर दो फीट से कम, 1934 के बाद सितंबर सबसे अधिक गर्म

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jammu kashmir weather affected Landslides and floods at some places water level of Jhelum decreases

झेलम नदी का जलस्तर हुआ कम
– फोटो : बासित जरगर

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झेलम नदी को न केवल कश्मीर की जीवन रेखा माना जाता है, बल्कि इसका समृद्ध और जीवंत इतिहास भी है। हालांकि इस वर्ष यहां के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ जम्मू संभाग के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में आए दिन जहां भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है, तो वहीं कश्मीर संभाग में कुछ महीनों से न के बराबर बारिश होने से सूखे की स्थित है। इसका उदाहरण दक्षिण कश्मीर से उत्तर की ओर बहने वाली प्रसिद्ध झेलम नदी है, जिसकी तलहटी में दरारें पड़ गई हैं।

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