यूपी निकाय चुनाव: हाईकोर्ट का आदेश, याची की आपत्ति पर गौर करे चुनाव आयोग

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Lucknow high court order on a petition related to OBC report for Nikay Chunav.

– फोटो : फाइल फोटो

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उत्तर प्रदेश में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य सरकार के अध्यादेश समेत पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को चुनौती देने वाली नई याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने याचिकाकर्ता की आपत्ति पर दुबारा विचार करने का आदेश राज्य निर्वाचन आयोग को दिया है।

इसके पहले याची की आपत्ति खारिज कर दी गई थी साथ ही याचिका को अगली सुनवाई के लिए 17 अप्रैल से शुरु होने वाले सप्ताह में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया था। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने सोमवार को यह आदेश मुरादाबाद जिले की ठाकुरद्वारा नगर पंचायत सीट आरक्षित होने को लेकर दाखिल सुहैल खां की याचिका पर दिया है।

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याची के अधिवक्ता शरद पाठक का कहना था कि याची की इस सीट को लेकर दाखिल की गई आपत्ति को बिना गौर किए खारिज कर दिया गया। दलील दी कि नगर पालिका अधिनियम में पहले पुराने नियम के तहत राज्य स्तर पर सीटों का आरक्षण तय करने का नियम था। अब अध्यादेश संख्या -3 के तहत नियम संशोधित कर नए नियम के तहत मंडल व जिला स्तर पर आरक्षण निर्धारित किया गया है। जो कानून की मंशा के खिलाफ है।

इसी तरह उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्थित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पर यह कहते हुए सवाल उठाया कि इसमें ओबीसी के राजनीतिक पिछड़ेपन का अध्ययन किया जाना चाहिए था। जो नहीं किया गया सिर्फ पुराने आंकड़े ही नए रुप में पेश किए गए हैं। जो उचित नहीं हैं। याचिका में अध्यादेश समेत आयोग की रिपोर्ट को निरस्त करने का आग्रह किया गया है। सुनवाई के समय पक्षकारों के वकील भी पेश हुए।

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