यूपी : प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर तलब, कोर्ट ने पूछा, सरकारी फाइल बगैर कैसे हो केस की सुनवाई

[ad_1]

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र।
– फोटो : अमर उजाला।

ख़बर सुनें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी फाइल की उपलब्धता न होने से केस की सुनवाई टलते जाने पर नाराजगी जताई। प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर को तलब कर पूछा है कि कोर्ट कैसे काम करे। कोर्ट में फाइल न होने के कारण सरकारी वकील कोर्ट को सहयोग नहीं कर पा रहे और सुनवाई टालनी पड़ रही है। ऐसे में कोर्ट के पास मुख्य सचिव को तलब करने के सिवाय अन्य विकल्प नहीं है। 

केस की सुनवाई की तिथि 13 दिसंबर नियत की गई है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने मनीष श्रीवास्तव तथा अन्य की विशेष अपील पर दिया है। जिसमें सरकार विपक्षी पक्षकार है। कोर्ट ने कहा है कि केस की सुनवाई शुरू हुई तो सरकार की तरफ से कोई नहीं आया। 

कोर्ट ने जानना चाहा कि इस केस में सरकार की तरफ से कौन बहस करेगा, तो कोई नहीं खड़ा हुआ क्योंकि कोर्ट में सरकारी फाइल ही नहीं थी। कोर्ट ने कहा, यह अकेला मामला नहीं है। आज ही चार केस की सरकारी फाइल न होने से सुनवाई टालनी पड़ी। कोई भी पुराना केस नहीं सुना जा सका। इस पर कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को हाजिर होने का निर्देश दिया है।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी फाइल की उपलब्धता न होने से केस की सुनवाई टलते जाने पर नाराजगी जताई। प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर को तलब कर पूछा है कि कोर्ट कैसे काम करे। कोर्ट में फाइल न होने के कारण सरकारी वकील कोर्ट को सहयोग नहीं कर पा रहे और सुनवाई टालनी पड़ रही है। ऐसे में कोर्ट के पास मुख्य सचिव को तलब करने के सिवाय अन्य विकल्प नहीं है। 

केस की सुनवाई की तिथि 13 दिसंबर नियत की गई है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने मनीष श्रीवास्तव तथा अन्य की विशेष अपील पर दिया है। जिसमें सरकार विपक्षी पक्षकार है। कोर्ट ने कहा है कि केस की सुनवाई शुरू हुई तो सरकार की तरफ से कोई नहीं आया। 

कोर्ट ने जानना चाहा कि इस केस में सरकार की तरफ से कौन बहस करेगा, तो कोई नहीं खड़ा हुआ क्योंकि कोर्ट में सरकारी फाइल ही नहीं थी। कोर्ट ने कहा, यह अकेला मामला नहीं है। आज ही चार केस की सरकारी फाइल न होने से सुनवाई टालनी पड़ी। कोई भी पुराना केस नहीं सुना जा सका। इस पर कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को हाजिर होने का निर्देश दिया है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *