यूपी : बाहुबली उमाकांत यादव की याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- 46 वर्ष के लंबे अपराध के सफर में पहली बार मिली सजा

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उमाकांत यादव

उमाकांत यादव
– फोटो : अमर उजाला

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लाइन बाजार, जौनपुर में दर्ज आपराधिक मामले में पुलिस चार्जशीट पर विशेष अदालत प्रयागराज द्वारा बाहुबली उमाकांत यादव की उन्मोचन (डिस्चार्ज) अर्जी निरस्त करने के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति डीके सिंह ने उमाकांत यादव की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए दिया है।

कोर्ट ने कहा चार्ज निर्मित करने या अपराध से उन्मोचित करने की सुनवाई के समय कोर्ट देखेगी कि विवेचना के दौरान एकत्र साक्ष्य से प्रथम दृष्टया अपराध कारित हुआ है या नहीं। याची का कहना था कि लोक सेवक के नाते चार्जशीट दाखिल करने से पहले अभियोग चलाने की शासन से अनुमति लेनी चाहिए थी। कोर्ट चार्जशीट पर संज्ञान नहीं ले सकती। इसलिए उसके खिलाफ केस नहीं चल सकता।

हाईकोर्ट कोर्ट ने कहा, यह तर्क विशेष अदालत में नहीं दिया गया। पहली बार उठाया गया है। ट्रायल के दौरान उचित समय पर उठाया जा सकता है। अभी मुद्दा प्रीमेच्योर (समय पूर्व) है। कोर्ट ने कहा विशेष अदालत ने अर्जी निरस्त करने में किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है।

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