यूपी : महाकुंभ में पर्यटन योजनाओं पर 204 करोड़ रुपये का निवेश, 12 कंपनियों से करार

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महाकुंभ-2025 को अविस्मरणीय बनाने की कोशिशों के बीच पर्यटन विकास की योजनाओं पर 204 करोड़ रुपये के निवेश के लिए करार हुआ है। इसमें रिसॉर्ट, हेरिटेज होटल समेत दर्जन भर परियोजनाएं शामिल हैं। महाकुंभ के निमित्त पर्यटन उद्योग के प्रति कंपनियों के बढ़ते रुझान से उत्साहित होकर पर्यटन विभाग ने इको टूरिज्म की इकाइयों पर भी काम शुरू कर दिया है। 

संगमनगरी में दो साल बाद होने वाले महाकुंभ के पर्यटन की योजनाएं आकार लेने लगी हैं। पर्यटन विभाग ने खास तौर से होटल इंडस्ट्रीज को लुभावनी योजनाओं से जोड़ने की कोशिश की है। इसमें रिसॉर्ट, होटल और आतिथ्य सत्कार से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। फिलहाल 12 कंपनियों के साथ 204 करोड़ रुपये के निवेश के लिए करार हो गया है।

पिछले 2019 के कुंभ में संगम के तटों पर 24 करोड़ से अधिक संतों-भक्तों और अतिथियों ने डुबकी लगाई थी। आगामी महाकुंभ में सरकार ने 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया है। श्रद्धालुओं की बड़ी अनुमानित तादाद को पर्यटन क्षेत्र के लिए अपार संभावनाओं के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश के लिए अभी से निवेशक आकर्षित होने लगे हैं।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह के मुताबिक अब तक पर्यटन में 12 ईकाइयों ने निवेश के लिए 204 करोड़ रुपये के निवेश पर हस्ताक्षर किए हैं। ये सभी स्थानीय निवेशक हैं। इनमें सबसे बड़ा निवेश रिसॉर्ट के लिए 100 करोड़ रुपये का अमरेंद्र ग्रुप से आया है । इसके अलावा 25 करोड़ रुपये का निवेश रिसॉर्ट के लिए ही वैभव ग्रुप ने किया है। इसी तरह कृपा शंकर ग्रुप की तरफ  से भी रिसॉर्ट के लिए 15 करोड़ के निवेश पर करार हुआ है।

हेरिटेज होम स्टे, बजट होटल के साथ स्थापित होंगी इको टूरिज्म की इकाइयां
महाकुंभ को देखते हुए पर्यटन क्षेत्र में प्रोत्साहन के लिए 22 नई योजनाएं शुरू की गई हैं। इसमें वेलनेस रिसॉर्ट, हेरिटेज होम स्टे, बजट होटल, हेरिटेज होटल, स्टार होटल, इको टूरिज्म की इकाइयां, कारवां टूरिज्म यूनिट के अलावा प्रदर्शनी, तीर्थयात्रा, धर्मशालाएं, आल वेदर सीजनल कैंप, जलाशय, झील, वेलनेस टूरिज्म तथा एडवेंचर टूरिज्म को शामिल किया गया है। इसमें होटल इंडस्ट्री के लिए निवेश आधारित सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। इसमें 10 करोड़ रुपये तक के निवेश पर दो करोड़ और 500 करोड़ से अधिक के निवेश पर 40 करोड़ रुपये तक सब्सिडी दी जाएगी। हेरिटेज होटल्स के लिए 10 लाख से 10 करोड़ के निवेश पर 25 फीसदी की सब्सिडी, इसी तरह से 50 करोड़ पर 20 फीसदी, 200 करोड़ तक 15 फीसदी, 200 करोड़ या उसे अधिक पर 10 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा होटलों को उद्योग का दर्जा प्रदान किया जाएगा।

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महाकुंभ-2025 को अविस्मरणीय बनाने की कोशिशों के बीच पर्यटन विकास की योजनाओं पर 204 करोड़ रुपये के निवेश के लिए करार हुआ है। इसमें रिसॉर्ट, हेरिटेज होटल समेत दर्जन भर परियोजनाएं शामिल हैं। महाकुंभ के निमित्त पर्यटन उद्योग के प्रति कंपनियों के बढ़ते रुझान से उत्साहित होकर पर्यटन विभाग ने इको टूरिज्म की इकाइयों पर भी काम शुरू कर दिया है। 

संगमनगरी में दो साल बाद होने वाले महाकुंभ के पर्यटन की योजनाएं आकार लेने लगी हैं। पर्यटन विभाग ने खास तौर से होटल इंडस्ट्रीज को लुभावनी योजनाओं से जोड़ने की कोशिश की है। इसमें रिसॉर्ट, होटल और आतिथ्य सत्कार से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। फिलहाल 12 कंपनियों के साथ 204 करोड़ रुपये के निवेश के लिए करार हो गया है।

पिछले 2019 के कुंभ में संगम के तटों पर 24 करोड़ से अधिक संतों-भक्तों और अतिथियों ने डुबकी लगाई थी। आगामी महाकुंभ में सरकार ने 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया है। श्रद्धालुओं की बड़ी अनुमानित तादाद को पर्यटन क्षेत्र के लिए अपार संभावनाओं के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश के लिए अभी से निवेशक आकर्षित होने लगे हैं।



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