यूपी: मौसम में आई गर्मी के साथ बढ़ी बिजली की खपत, ट्रांसफार्मरों के जलने की घटनाओं में आई तेजी

[ad_1]

Electricity consumption increased with the heat of the season

ट्रांसफार्मर में लगी आग, फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


 मौसम में आए बदलाव के साथ ही प्रदेश में बिजली की खपत बढ़ गई है। इन दिनों करीब 27 हजार मेगावाट बिजली की खपत हो रही है। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्र में ट्रांसफार्मर के फुंकने और अन्य तरह के लोकल फॉल्ट की दर बढ़ गई है।

प्रदेश में जुलाई माह में बिजली खपत का ग्राफ बढ़कर 28824 मेगावाट पहुंच गया। यह अब तक की एक दिन की सर्वाधिक खपत थी। इसके बाद मौसम में आए बदलाव के बाद खपत का ग्राफ गिरना शुरू हुआ और खपत 24 हजार मेगावाट के आसपास पहुंच गई, लेकिन पिछले तीन दिन से लगातार इसमें बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके पीछे तेज गर्मी बताई जा रही है। 

उमस भरी गर्मी में शहरी इलाके में एसी, कूलर आदि ज्यादा चल रहे हैं तो ग्रामीण इलाके में सिंचाई के लिए पंपसेट निरंतर चलने लगे हैं। ऐसे में बिजली की खपत बढ़कर 27 हजार मेगावाट के करीब पहुंच गई है। खास बात यह है कि ग्रामीण इलाके में बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मर फुंकने की दर भी बढ़ गई है। पहले जहां हर दिन औसतन एक हजार ट्रांसफार्मर फुंक रहे थे, वहीं तीन दिन से इनकी संख्या बढ़कर 11 सौ से अधिक हो गई है। जंफर उड़ने, फ्यूज उड़ने, केबिल जलने जैसी लोकल फॉल्स से जुड़ी घटनाएं भी बढ़ गई है। ऐसे में बिजली होने के बाद भी ग्रामीण इलाके में घंटों आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

ग्रामीण इलाके को ज्यादा बिजली देने का दावा

बिजली की मांग बढ़ने के बाद जहां लोकल फाल्ट से उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है वहां विभागीय डाटा में मांग से ज्यादा बिजली देने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीण इलाके में 18 घंटे के बजाय 23.54 घंटे, नगर पंचायत में 21.30 घंटे के बजाय 24 घंटे, बुंदेलखंड में 20 घंटे के बजाय 24 बिजली बिजली आपूर्ति का दावा किया गया है।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *