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– फोटो : अमर उजाला
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चंदौली जिले के एकमात्र नगर पालिका परिषद पीडीडीयू नगर में सफाई के नाम पर एक साल में 10.10 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसे खर्च हो गए। इसके बाद भी हर तरफ कूड़ा और गंदगी ही दिखाई दे रहा है। 25 वॉर्डों की सफाई के लिए 261 सफाईकर्मियों की अच्छी खासी फौज है। इसके बाद भी आलम यह है कि डिवाइडर के किनारे धूल की मोटी परत जमी है, दामोदरदास पोखरे के किनारे महीने भर से कूड़ा बजबजा रहा है, गलियों में पसरे कूड़े के बीच से लोगों को गुजरना पड़ रहा है।
नगर पालिका क्षेत्र में कुल 25 वार्ड है। जहां लगभग ढाई लाख की आबादी निवास करती है। सभी वार्डों से हर रोज लगभग 49 टन कचरा निकलता है। सफाई कार्य के लिए पालिका की ओर से 261 कर्मचारियों को लगाया जाता है। इसमें 38 सफाई कर्मचारी संविदा, 111 सफाई कर्मचारी नियमित रूप से कार्य करते है। वहीं आउटसोसिंग पर सफाई कार्य में 112 कर्मचारी कार्यरत है। जिसमें 92 कर्मचारी सफाई कार्य में व 20 कर्मचारी कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों के चालक के रूप में विभाग में कार्य करते है। इसके बावजूद भी क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। गुरुवार को नगर में एलबीएस कटरा, लाठ नंबर दो पानी टंकी रोड, लाठ नंबर एक के अलावा अन्य जगहों पर कूड़े का ढ़ेर लगा रहा।
चार हजार लीटर हर महीने हो जाता है धुआं
नगर पालिका क्षेत्र में निकलने वाले कूड़े को उठाकर एमआरएफ सेंटर तक पहुंचाने के लिए छोटी-बड़ी गाड़ियों का इस्तेमाल होता है। सूत्रों के अनुसार नगर पालिका मौजूद गाड़ियों में हर माह लगभग चार हजार लीटर डीजल की खपत वाहनों में होती है। यानि तीन लाख 60 हजार रुपये के करीब केवल कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों के डीजल का खर्च होता है।
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