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रोजगार मेले में साक्षात्कार देते अभ्यर्थी
– फोटो : अमर उजाला
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प्रचार-प्रसार के अभाव में सेवायोजन कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित रोजगार मेला महज रस्म अदायगी साबित हुआ। सिर्फ चार कंपनियों ने मेले में प्रतिभाग किया। 200 सीटों के सापेक्ष सिर्फ 120 दावेदार ही पहुंचे। फार्मा और फाइनेंस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में जॉब प्रोफाइल के अनुसार कौशल के अभाव की वजह से इनमें से सिर्फ 48 युवाओं को ही रोजगार मिल सका।
सहायक निदेशक राम वीर सिंह यादव ने मेले का शुभारंभ किया। अन्य विभागीय कर्मी भी औपचारिकता निभाने में जुटे रहे। रोजगार मेले में फार्मा और फाइनेंस क्षेत्र की कंपनियों ने अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया। कंपनियों ने मैनेजर, वेलनेस सुपरवाइजर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, सेल्स रिप्रेजेंटेटिव, रिलेशन एग्जीक्यूटिव की जॉब प्रोफाइल के लिए युवाओं का चयन किया।
कंपनियों की प्राथमिकता ऐसे युवाओं की रही, जो डिजिटल मार्केटिंग, फार्मेसी, पब्लिक रिलेशन और कम्युनिकेशन स्किल्स में कुशल हों। वहीं, मेले में प्रतिभाग करने वाले युवाओं की शिक्षा और कौशल जॉब प्रोफाइल के अनुरूप न होने की वजह से उनको निराश होना पड़ा।
जिले में 84 हजार बेरोजगार, लक्ष्य महज 1,700जिले में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 84 हजार से भी अधिक है। सेवायोजन विभाग कई साल से न्यूनतम लक्ष्य लेकर उससे ज्यादा युवाओं को रोजगार देने का दावा करता आया है।
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