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हिमाचल प्रदेश में आज सुखविंदर सिंह सुक्खू 15वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। कांग्रेस के दिग्गज नेता मुकेश अग्निहोत्री प्रदेश के पहले डिप्टी सीएम होंगे। हिमाचल में मुख्यमंत्रियों का इतिहास काफी अलग औ रोचक है रहा है। प्रदेश को अब तक छह अलग-अलग मुख्यमंत्री मिल चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा कांग्रेस ने सूबे पर राज किया। आज हम आपको प्रदेश में चुनाव का पूरा इतिहास बता रहे हैं। राज्य में कब-कब चुनाव हुए और किस पार्टी ने जीत हासिल की? कौन सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहा? आइए जानते हैं…
आजादी के बाद 15 अप्रैल 1948 की हिमाचल प्रदेश चीफ कमिश्नर के राज्यों के रूप में अस्तित्व में आया। 26 जनवरी 1950 को जब देश गणतंत्र बना तब हिमाचल प्रदेश को ‘ग’ श्रेणी के राज्य का दर्जा मिला। 1952 में राज्य में पहली बार चुनाव हुए।
तब सूबे में 36 विधानसभा सीटें थीं। मैदान में कांग्रेस के अलावा किसान मजदूर प्रजा पार्टी, शेड्यूल कास्ट फेडरेशन के उम्मीदवार खड़े थे। कांग्रेस ने 35 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे। उसे 24 सीट पर जीत मिली। किसान मजदूर पार्टी के 22 प्रत्याशी मैदान में थे और तीन विधायक चुने गए। शेड्यूल कास्ट फेडरेशन के एक और आठ निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। कांग्रेस के यशवंत सिंह परमार हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। 1956 तक यानी चार साल 237 दिन उन्होंने सूबे की कमान संभाली।
इस बीच, 1971 में हिमाचल प्रदेश को वापस पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। इसके बाद 1972 में हुए विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को ही जीत मिली। 1972 में 68 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस के 53 प्रत्याशी जीते। भारतीय जनसंघ के पांच, लोकराज पार्टी हिमाचल प्रदेश के दो, सीपीआई (एम) के एक और सात निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी जीत हासिल की।
| चुनाव | कांग्रेस | भाजपा |
| 1952 | 24 | — |
| 1967 | 34 | भारतीय जनसंघ (07) |
| 1972 | 53 | भारतीय जनसंघ (05) |
| 1977 | 09 | जनता पार्टी (53) |
| 1982 | 31 | 29 (भाजपा ने पहली बार चुनाव लड़ा) |
| 1985 | 58 | 07 |
| 1990 | 09 | 46 |
| 1993 | 52 | 08 |
| 1998 | 31 | 31 |
| 2003 | 43 | 16 |
| 2007 | 23 | 41 |
| 2012 | 36 | 26 |
| 2017 | 21 | 44 |
| 2022 | 40 | 25 |
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