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गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय
– फोटो : लोकसभा टीवी
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राज्यसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि घाटी में 2020 से 2022 तक नौ कश्मीरी पंडित मारे गए हैं। तीन वर्षों के दौरान इनमें एक कश्मीरी राजपूत समुदाय संबंधित व्यक्ति भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा के लिए सरकार सभी प्रकार के कदम उठा रही है।
56 कश्मीरी पंडितों की सूची आतंकी संगठनों तक पहुंची
प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) के तहत घाटी में काम कर रहे 56 कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सूची आतंकी संगठनों तक लीक कर दी गई। इसमें उनके कार्यस्थलों के बारे में जानकारी है। आतंकी तंजीम लश्कर-ए-ताइबा के टीआरएफ ने इन कर्मचारियों को धमकी दी है, जो सोशल मीडिया पर वायरल है।
आतंकी संगठन ने सूची जारी करते हुए कहा था कि कश्मीरी पंडितों के लिए 19 स्थानों पर 6000 फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं। यह स्वीकार नहीं है। यह भी चेताया गया है कि गैर कश्मीरियों की हिट लिस्ट भी जल्द जारी की जाएगी।
कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा का खाका तैयार
घाटी में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा केंद्र के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। एक सप्ताह पहले नई दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय में हुई इस मामले को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
आतंकी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) की ओर से जिन 56 कर्मचारियों की हिट लिस्ट जारी की गई थी उनमें से छह-सात परिवार जम्मू लौट आए थे। केंद्रीय गृहसचिव अजय भल्ला की अगुवाई में हुई बैठक में आतंकी संगठन द्वारा कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के नाम की सूची सार्वजनिक करने की घटना को काफी गंभीरता से देखा गया।
इससे साथ ही सीमा पार से मादक पदार्थ और हथियारों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल की बढ़ती घटनाओं पर भी लंबी चर्चा हुई।
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