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इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। यहीं नहीं अर्थी पर मौर्य की फोटो रखकर पदयात्रा निकाली। कहा कि जो धर्म के साथ खेलेगा उसके साथ अखिल भारत हिंदू महासभा ऐसा ही व्यवहार करेगी। इसके बाद अर्थी को यमुना में प्रवाहित किया।
ज्ञात हो कि बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर के विवाद के बीच स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दिया था। इस पर अखिल भारत हिंदू महासभा ने अपना कड़ा विरोध जताया है। महासभा के जिला प्रभारी सौरभ शर्मा ने घोषणा करते हुए कहा कि जो भी मौर्य की जीभ काट कर लाएगा उसको उनकी तरफ से 51 हजार रुपए का चेक दिया जाएगा।
पुतले का यमुना नदी में दाह संस्कार किया
महासभा के कार्यकर्ताओं ने स्वामी प्रसाद मौर्य की अर्थी निकाली। इसके बाद रामबाग से निकलकर उनका पुतला यमुना नदी फेंका। राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय जाट ने कहा कि इस तरीके से रामचरितमानस का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय जाट ने कहा कि एक धर्म विशेष पर टिप्पणी करने पर राजस्थान के उदयपुर पर गर्दन काट ली जाती है। वहीं यूपी में स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरित मानस पर अभद्र टिप्पणी की है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। .यदि कभी वह आगरा आते हैं तो जैसे आज उसकी अर्थी यमुना में फेंकी जा रही है, उसे भी फेंका जाएगा।
हिंदू महासभा के जिला प्रभारी सौरभ शर्मा ने कहा कि जो भी साहसी व्यक्ति स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटेगा उसे मेरी तरफ से 51 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। कहा कि किसी भी कीमत पर रामचरित मानस का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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