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बच्ची का फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झांसी के पूंछ के बावई रोड के पास नई बस्ती में नाले से बरामद हुई दो माह की बच्ची की कातिल उसकी मां रिजवाना ही है। उधर, दुधमुंही बच्ची को जिंदा नाले में फेंकने के कृत्य में मां का हाथ होने की बात जिसने भी सुनी, उसके मुंह से सिर्फ हाय शब्द ही निकला। लोग बातें करते रहे कि आखिर एक मां इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है। फूल सी बच्ची को नाले में फेंकते समय उसके हाथ भी नहीं कांपे।
नई बस्ती में जिस इलाके में रिजवाना का घर है वहां, करीब पचास मकान हैं। शव मिलने के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया था। इस जुर्म को छिपाने
के लिए रिजवाना ने पुलिस को जो कहानी बताई थी, वह शुरू से ही पुलिस को खटक रही थी। क्योंकि उसके घर तक बाहरी आदमी के पहुंचने की गुंजाइश नहीं है।
जंगली जानवर के बच्ची को लेकर जाने की पुलिस ने पड़ताल की लेकिन, जांच पड़ताल में पुलिस को किसी जानवर के पंजों के निशान नहीं मिले। जबकि पुलिस
के पूछताछ शुरू करने पर रिजवाना बार-बार बयान बदलती रही। कभी कहती कि उसने जानवर को ले जाते हुए देखा है। कभी कहती उसने देखा नहीं बस अनुमान लगा रही है।
आखिरकार करीब दो घंटे की पूछताछ में रिजवाना ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। उसका जुर्म सामने आते ही इलाके में उसकी थू-थू होने लगी। लोग कहते दिखे कि रिजवाना ने जो किया है, उसे जिंदगी भर जेल में सड़ना चाहिए।
पूंछ इलाके की तीसरी सनसनीखेज घटना
पूंछ थाना क्षेत्र के अंतर्गत यह तीसरी घटना है जिसमें मां अथवा पिता ने नवजात बेटियों को मौत की नींद सुला दिया। कुछ वर्ष पहले सेसा गांव में मौसमी कुशवाहा नामक महिला ने तांत्रिक क्रिया-कलाप के चलते अपनी एक माह की नवजात बेटी के ब्लेड से कई टुकड़े कर दिए थे। उसे झोले में भरकर घर के पास बने नाले में फेंक दिया था। दूसरा मामला पिछले साल मातन मोहल्ले का था। एक युवक ने पत्नी से विवाद के बाद एक वर्षीय पुत्री को पानी भरी बाल्टी में डुबोकर मार डाला था।
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