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प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को समझिए
– फोटो : istock
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केरला के अमृता स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के प्रमुख वैज्ञानिक प्रो. प्रशाथ सुरवाझाला ने बताया कि शाकाहारियों में प्रोस्टेट कैंसर की समस्या तेजी से बढ़ी है। बीएचयू में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए प्रो. सुरवाझाला ने कहा कि शाकाहारी लोगों में प्रोस्टेट कैंसर के लिए 80 सैंपल लिए गए थे। इसमें 95 फीसदी लोगों में प्रोस्टेट कैंसर मिले हैं। कैंसर जेनेटिकल भी हो सकता है।
मां को अगर ब्रेस्ट कैंसर है तो यह बच्चे को भी हो सकता है। पिता में है तो अगली पीढ़ी में जर्म लाइन के जरिये संचारित हो सकता है। इस जीन की पहचान हो चुकी है। भारत में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास 10 हजार साल पुराना है। इसमें म्युटेशन भी हो रहे हैं।
प्रोस्टेट कैंसर किट से होगी जांच
52 साल की उम्र के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट की शिकायतें मिलती हैं। शर्म और झिझक के कारण लोग इसके बारे में बात नहीं करते और समय से जांच नहीं कराते हैं। प्रयास चल रहे हैं कि लोग घर बैठे ही अपने यूरिन के जरिये प्रोस्टेट कैंसर की जांच कर सकें।
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