[ad_1]

पूर्वात्तर रेलवे का मुख्य सामग्री प्रबंधन कार्यालय।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
पूर्वाेत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक कार्यालय में ठेकों के लिए ही रिश्वत ही नहीं, बल्कि कई तरीकों से अवैध कमाई का खेल चल रहा था। चर्चा है कि जिम्मेदारों ने कबाड़ घोषित की गई एक कार के नाम पर लंबे समय तक तेल और ड्राइवर के भत्ते के नाम पर लिया गया भुगतान भी अफसरों की जेबों में गया। इसकी शिकायत भी हुई है। सीबीआई की टीम ने इससे जुड़ी कई फाइलें भी जब्त कर ली हैं। जांच की आंच में डीएस-8 (निष्प्रयोज्य वाहन के लिए फार्म) के आने से कई और घोटाले का राज सामने आ सकता है।
रेलवे में पहले विभागीय गाड़ियां होती थीं। बाद में सारे विभागों में अनुबंध के तौर पर अधिकारियों को गाड़ियां उपलब्ध कराई गईं। सूत्रों के मुताबिक स्टोर डिपो में एक कबाड़ घोषित हो चुकी कार के नंबर पर तेल और ड्राइवर के वेतन का भुगतान लिया गया है। जिस अधिकारी की शह पर यह खेल चल रहा था वह भी केसी जोशी का खास है। वहीं, रेल महकमे में चर्चा है कि भ्रष्टाचार के खेल में सिर्फ दो अफसरों की लड़ाई ही नहीं, बल्कि इसके पीछे कई और मजबूत ताकतें लगी हुई हैं।
इसे भी पढ़ें: एयरपोर्ट पर आज से यात्रियों के लिए खुलेगी नई टर्मिनल बिल्डिंग, मानकों पर उतरा था खरा
[ad_2]
Source link