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आरोप है कि स्थानीय लोगों ने नगर निगम को सूचना देने का प्रयास किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। आसपास घरों के लोग दशहत में हैं। मंगलवार को भी गोलागंज में सुबह सड़क धंस गई थी जिसमें एक स्विफ्ट डिजायर कार फंस गई थी।
इसके पहले मंगलवार को सावन का स्वागत मानसूनी बारिश ने किया। मंगलवार को प्रदेश में कई जगहों पर बारिश हुई और दिन भर बादल छाए रहे। कहीं बरसे तो कहीं रिमझिम फुहारों के बाद थम गए।
बारिश की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान सोमवार के 34.3 के मुकाबले मंगलवार को 31.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
सोमवार को दिन भर बादल-आते जाते रहे। रात 11 बजे के बाद अचानक ठंडी हवा संग आए बादल आधी रात तक बरसते रहे। मंगलवार को भी यह सिलसिला जारी रहा। सुबह 8.30 बजे तक राजधानी में 38.1 मिमी. से ज्यादा बारिश रिकाॅर्ड हुई। हालांकि, बारिश के बावजूद हवा में 97 फीसदी तक आर्द्रता रहने के कारण उमस से लोग बेहाल रहे। (तस्वीर में- पास में ही करीब 20 फीट गहरा गड्ढा खुदा होने से घरों के ढहने का खतरा बढ़ गया है।)
मंगलवार सुबह गोलागंज में धंसी सड़क में फंसी कार। मजदूरों ने कार को बाहर निकाला। गनीमत रही कि उसमें सवार लोगों को चोट नहीं आई। बाद में चार ट्रक मलबा डालकर गड्ढे को पाटा गया है।
यह सड़क स्मार्ट सिटी योजना में करीब 10 मीटर गहराई में सीवर लाइन डालने के बाद तीन साल पहले बनाई गई थी।
इसी तरह हजरतगंज में सेंट फ्रांसिस कॉलेज के सामने हाल ही में बनी सड़क में बड़ा गड्ढा हो गया। कॉलेज के पास सीवर लाइन डालने के बाद कुछ महीने पहले ही सड़क बनाई गई थी। यहां मिट्टी बैठने से सड़क धंसी है। एक बड़े गड्ढे के साथ ही छोटे-छोटे गड्ढे भी हुए हैं। आननफानन में इन गड्ढों में मिट्टी डालकर पाट दिया गया है।
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