लखनऊ विश्वविद्यालय: प्रो. आलोक राय को दूसरा कार्यकाल, तीन साल के लिए फिर कुलपति बने

[ad_1]

कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय।

कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय।
– फोटो : amar ujala

ख़बर सुनें

लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। राजभवन ने उन्हें अगले तीन वर्षों के लिए एक और कार्यकाल दिया है। इस संबंध में राज्यपाल ने आदेश जारी कर दिया है।

मूल रूप से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मैनेजमेंट विभाग के प्रो. आलोक कुमार राय ने 30 दिसंबर 2019 को लखनऊ विवि में बतौर कुलपति ज्वॉइन किया था। उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए की गई थी। बृहस्पतिवार को उनके कार्यकाल के तीन साल पूरे हो चुके हैं। वहीं अपने कार्यकाल में उन्होंने अन्य क्षेत्रों में बेहतर करने के साथ ही राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रत्यायन परिषद (नैक ) में विश्वविद्यालय को ए प्लस प्लस ग्रेडिंग दिलाई जो प्रदेश के किसी विश्वविद्यालय के पास नहीं थी।
हालांकि इसके बाद इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई थी कि उन्हें दोबारा कुलपति के रूप में काम करने का मौका मिलेगा। हालांकि पूर्व में राजभवन की ओर से नए कुलपति के चयन के लिए आवेदन मांगे गए थे।

जानकारी के अनुसार इसकी स्क्रीनिंग के बाद बुधवार को इंटरव्यू भी हुए। किंतु किसी को नियमित कुलपति के रूप में तैनाती की जगह प्रो. राय को ही अगले आदेश या नए कुलपति की नियुक्ति होने तक कुलपति बने रहने की सूचना देर शाम राजभवन से विश्वविद्यालय को मिली। शुक्रवार शाम को आदेश जारी कर दिया गया।

कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा कि फिलहाल पहले से चल रहे प्रोजेक्ट को गति देने का काम करेंगे। जनवरी में प्रस्तावित दीक्षांत समारोह को बेहतर तरीके से कराया जाएगा। एनआईआरएफ व क्यूएस एशिया रैंकिंग में भी अच्छा स्थान लाने का प्रयास करेंगे।

विस्तार

लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। राजभवन ने उन्हें अगले तीन वर्षों के लिए एक और कार्यकाल दिया है। इस संबंध में राज्यपाल ने आदेश जारी कर दिया है।

मूल रूप से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मैनेजमेंट विभाग के प्रो. आलोक कुमार राय ने 30 दिसंबर 2019 को लखनऊ विवि में बतौर कुलपति ज्वॉइन किया था। उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए की गई थी। बृहस्पतिवार को उनके कार्यकाल के तीन साल पूरे हो चुके हैं। वहीं अपने कार्यकाल में उन्होंने अन्य क्षेत्रों में बेहतर करने के साथ ही राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रत्यायन परिषद (नैक ) में विश्वविद्यालय को ए प्लस प्लस ग्रेडिंग दिलाई जो प्रदेश के किसी विश्वविद्यालय के पास नहीं थी।

हालांकि इसके बाद इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई थी कि उन्हें दोबारा कुलपति के रूप में काम करने का मौका मिलेगा। हालांकि पूर्व में राजभवन की ओर से नए कुलपति के चयन के लिए आवेदन मांगे गए थे।

जानकारी के अनुसार इसकी स्क्रीनिंग के बाद बुधवार को इंटरव्यू भी हुए। किंतु किसी को नियमित कुलपति के रूप में तैनाती की जगह प्रो. राय को ही अगले आदेश या नए कुलपति की नियुक्ति होने तक कुलपति बने रहने की सूचना देर शाम राजभवन से विश्वविद्यालय को मिली। शुक्रवार शाम को आदेश जारी कर दिया गया।

कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा कि फिलहाल पहले से चल रहे प्रोजेक्ट को गति देने का काम करेंगे। जनवरी में प्रस्तावित दीक्षांत समारोह को बेहतर तरीके से कराया जाएगा। एनआईआरएफ व क्यूएस एशिया रैंकिंग में भी अच्छा स्थान लाने का प्रयास करेंगे।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *