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लद्दाख
– फोटो : एजेंसी
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संविधान की छठी अनुसूची और पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले लद्दाखवासियों को एक तोहफा दे सकती है। केंद्र शासित प्रदेश में दो नई प्रशासनिक इकाइयां स्थापित हो सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, लद्दाख में नुब्रा और जांस्कर को जिले का दर्जा दिया जा सकता है। वर्तमान में लद्दाख में केवल दो जिले हैं- कारगिल और लेह।
लेह एक बौद्ध बाहुल जिला है। इसी में नुब्रा तहसील है। उधर, कारगिल मुस्लिम बहुल जिला है, जिसमें जांस्कर तहसील है। ऐसे में अगर दोनों को जिले का दर्जा मिलता है तो लद्दाख में चार जिले हो जाएंगे। नुब्रा और जांस्कर के लोगों को जिला मुख्यालय में अपने कामों के लिए लेह और कारगिल का रुख नहीं करना पड़ेगा।
दोनों जिलों में है लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद
2019 में जम्मू कश्मीर में अलग कर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया, जिसके लद्दाख के लोगों ने खुलकर स्वागत किया। 2019 से पहले लद्दाख में चार विधानसभा क्षेत्र रहे- लेह, नुब्रा, कारगिल, जांस्कर। चूंकि लद्दाख में अब विधानसभा नहीं है तो यह क्षेत्र निष्क्रिय हो गए। वर्तमान में लद्दाख में एक लोकसभा सीट है और दोनों जिलों में लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद हैं।
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