[ad_1]
गाजियाबाद के वसुंधरा के भोपुरा में गाड़ी सर्विस का गैराज चलाने वाले रमन ने अपनी लिव इन पार्टनर दिव्या (35) की धोखे से कुल्लू ले जाकर कार में चुनरी से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को पहाड़ी से नीचे फेंक दिया। पुलिस और दिव्या के परिजनों को गुमराह करने के लिए उसने न केवल इंदिरापुरम थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई बल्कि सात महीने तक उसे तलाश करने का नाटक भी करता रहा। आरोपी रमन पुलिस को गुमराह करने के लिए घड़ियाली आंसू बहाता रहा। वह दो साल की बेटी को गोद में लेकर थाने जाता था। वहां रोते हुए कहता था कि बच्ची मां के बिना नहीं रह पा रही है, कुछ कीजिए। पुलिस भी उस पर यकीन करती रही।
बिट्टो का कहना है कि रमन ने कई बार बयान बदला। कभी कहता कि उनसे कहा कि दिव्या नाराज होकर गई है पुलिस को बताया कि पता नहीं क्यों चली गई, इससे शक हुआ।
ऐसे हुआ खुलासा, फुटेज ने खोला राज
बिट्टों ने रमन से कुछ दिन पहले पूछा कि दिव्या के मोबाइल फोन का क्या हुआ, इतने दिन में भी ठीक नहीं हुआ, इस पर रमन ने कोई जवाब नहीं दिया। बिट्टो ने बताया कि उन्हें इस पर शक हो गया। उन्होंने पुलिस से कहा कि उससे पूछताछ की जाए। पुलिस ने भी दिव्या के फोन के बारे में पूछा तो उसने कहा कि ठीक होने दिया है।
[ad_2]
Source link