लोकसभा चुनाव: मतदान नहीं करने दिया तो नियोक्ता पर कार्रवाई, निर्वाचन आयोग ने जारी किए कड़े निर्देश

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Lok Sabha Elections: If not allowed to vote, action will be taken against the employer, Election Commission is

राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग
– फोटो : अमर उजाला

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लोकसभा चुनावों के लिए हिमाचल में एक जून को मतदान है। अगर इस दिन किसी कर्मचारी को मतदान नहीं करने दिया गया तो नियोक्ता पर कार्रवाई होगी। सभी सरकारी और निजी संस्थानों के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। पिछले कई चुनावों में सवैतनिक अवकाश लेकर भी कुछ मतदाता मतदान नहीं करते, जिसके चलते यह निर्देश जारी करने पड़े हैं। इतना ही नहीं निर्वाचन विभाग सभी सरकारी विभागों, निगमों और बोर्डों से ऐसे कर्मचारियों का ब्योरा भी तलब करेगा जो मतदान नहीं करेंगे।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135 ख में मतदान के दिन सभी सरकारी और निजी कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश की व्यवस्था है। किसी कारोबार, औद्योगिक उपक्रम या अन्य स्थान पर सेवारत प्रत्येक व्यक्ति मतदान का हकदार है। कानून के तहत मतदान के दिन अवकाश मंजूर किया जाएगा और मजदूरी में कोई कटौती नहीं होगी। इस प्रावधान के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। मतदान को लेकर कुछ सरकारी कर्मचारियों की उदासीनता के मद्देनजर निर्वाचन विभाग ने विभागों से मतदान न करने वाले कर्मचारियों का ब्यौरा तलब करने का भी फैसला लिया है।

कर्मचारी को मतदान से नहीं रोक सकते नियोक्ता : गर्ग

राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि नियोक्ता अपने कर्मी को मतदान करने से नहीं रोक सकते। ऐसा करने पर नियोक्ता के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। कुछ कर्मचारी अवकाश लेकर मतदान नहीं करते, विभागों से ऐसे कर्मियों का ब्यौरा भी लिया जाएगा।

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