[ad_1]

श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र चुनाव
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
19 विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर बनी संसदीय सीट श्रीनगर कुल पांच में से दूसरी हॉट सीट है। यहां मौजूदा नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद फारूक अब्दुल्ला के लिए जीत का प्रदर्शन बरकरार रखना रखना मुश्किल हो सकता है। उनकी क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी पीडीपी अगर यहां से चुनाव लड़ने का फैसला करती है तो मुकाबला कड़ा होने के साथ दिलचस्प हो सकता है।
2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद किए गए परिसीमन में श्रीनगर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र को फिर से पुनर्गठित किया गया है, जिसमें शोपियां और पुलवामा जिलों की छह सीटों को शामिल किया गया है, जबकि बडगाम जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों को इससे हटा दिया गया है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि नेकां के तीनों सीटों पर लड़ने के फैसले के बाद पीडीपी क्या प्रतिक्रिया देती है। नेकां नेता का कहना है कि चूंकि उनकी पार्टी के पास तीनों सीटों पर मौजूदा सांसद हैं, इसलिए उन्हें इन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। नेकां के इस एकतरफा फैसले पर पीडीपी नेता अपनी नाराजगी जता चुके हैं।
[ad_2]
Source link