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वाराणसी के गंजारी में जनसभ करते पीएम मोदी
– फोटो : अमर उजाला
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अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर काशीवासियों से अपना नाता मजबूत किया। हर -हर महादेव के उद्घघोष और भोजपुरी में अपने भाषण की शुरुआत कर उन्होंने सभी का दिल छू लिया। गंजारी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास समारोह में पीएम मोदी ने जनसभा के मंच से कहा कि हर विकास के लिए मेरी काशी अपना आशीर्वाद लिए मेरे साथ खड़ी रहती है। प्रधानमंत्री ने स्टेडियम के स्थान का जिक्र करते हुए कहा कि यह स्थान माता विंध्यवासिनी के धाम और काशी नगरी को जोड़ने का एक पड़ाव है। यहां से कुछ दूर पर भारतीय लोकतंत्र के प्रखर पुरुष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजनारायण का गांव मोतीकोट है। पीएम ने गंजारी की जनसभा के मंच से राजनारायण और उनकी जन्मभूमि को प्रणाम किया।
पीएम मोदी द्वारा लोकतंत्र के प्रखर पुरुष राजनारायण को याद करने के पीछे का सियासी मतलब निकाला जा रहा है। दरअसल, भारतीय राजनीति में जिद और जुनून की अनूठी मिसाल का नाम है राजनारायण। 31 दिसंबर 1986 को अंतिम सांस लेने वाले लोकबंधु राजनारायण में अक्खड़ बनारसी झलकता था। राजनारायण ने ही पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उन्हीं के इलाके रायबरेली में चुनौती दी थी।
पीएम मोदी ने इशारों में इमरजेंसी की याद दिलाई
मामला कोर्ट में पहुंचा और इंदिरा गांधी की जीत को हाईकोर्ट ने रद्द करते हुए छह साल तक उनके चुनाव लड़ने पर भी पाबंदी लगा दी थी। इसी के बाद देश को इमरजेंसी झेलना पड़ा था। लोकबंधु राजनारायण को याद कर एक तरह से पीएम मोदी ने इशारों में कांग्रेस को इमरजेंसी की याद भी दिला दी।
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