विधायक-मंत्री विवाद: सीएम धामी तक पहुंचा मामला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दी हिदायत, कहा- शालीनता में रहें

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Uttarakhand Purola MLA and Minister Subodh Uniyal Dispute Matter reached to CM

उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट
– फोटो : फाइल फोटो

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अपनी ही सरकार के वन मंत्री सुबोध उनियाल के खिलाफ भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल का धरना देना भाजपा प्रदेश नेतृत्व को नहीं सुहाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भाजपा विधायक और वन मंत्री को शालीनता से अपनी बात रखने की हिदायत दी है। उन्होंने दोनों नेताओं से फोन पर बातचीत में ताकीद किया कि उन्हें ऐसे किसी भी विवादित आचरण से बचना चाहिए, जो मीडिया की सुर्खी बनें और विपक्ष को बेजां सवाल उठाने का बहाना मिल जाए। प्रदेश अध्यक्ष ने विधायक को तलब कर लिया है। इस बीच मुख्यमंत्री धामी तक विवाद पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक, सीएम ने पार्टी के दोनों नेताओं को विवाद से बचने की सलाह दी।

अमर उजाला से बातचीत में भट्ट ने कहा, मैंने दोनों से बात की है। दुर्गेश्वर लाल जनप्रतिनिधि हैं। जन समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना उनकी जिम्मेदारी है। वह अपनी समस्याओं को मंत्री या अधिकारी के समक्ष उठा सकते हैं। लेकिन भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। विधायक होने के नाते पार्टी विधायक की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वह शालीनता के साथ अपनी बात रखें। अपनी सरकार के मंत्री के खिलाफ धरना देना और मीडिया में जाना उचित नहीं है।

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यदि समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है तो उसे पार्टी फोरम पर रखा जा सकता है। संगठन अनुशासन को तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं दे सकता है, चाहे वह विधायक हों या मंत्री। दोनों नेताओं को हिदायत दे दी गई है कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। बकौल भट्ट, मैंने पार्टी विधायक को बुधवार को बुलाया है। उनका पक्ष सुना जाएगा और समाधान निकाला जाएगा।

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