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– फोटो : Istock
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शेर-ए कश्मीर कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय कश्मीर (स्कॉस्ट) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग केंद्र स्थापित किया जाएगा। इनोवेशन, इनक्यूबेशन और एंटरप्रेन्योरशिप केंद्र व एफओएच शालीमार में कृषि-मौसम विज्ञान प्रभाग भी स्थापित होगा। सचिवालय में रविवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई स्कॉस्ट कश्मीर की 34वीं विश्वविद्यालय परिषद बैठक में इन केंद्रों को स्थापित करने की मंजूरी दी गई।
बैठक में कृषि शिक्षा, नवाचार, उद्यमिता, नेतृत्व और अनुसंधान के लिए अग्रणी संस्थान के रूप में विकसित करने और स्काॅस्ट को कृषि और संबंधित क्षेत्र में उत्कृष्टता के कई केंद्रों का घर बनाने पर व्यापक भविष्य के रोड मैप पर चर्चा हुई। उप राज्यपाल ने किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए अनुसंधान और नवाचार को लैब से फील्ड तक ले जाने पर जोर दिया।
उन्होंने छात्रों के लिए लघु कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और उपज अंतराल पर एक विस्तृत अध्ययन करने का भी निर्देश दिया। राष्ट्रीय लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के अनुरूप विश्वविद्यालय के लक्ष्यों को रीसेट करने के अलावा, स्टार्ट-अप और उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्मार्ट और बुद्धिमान कृषि प्रथाओं को चलाने के लिए नए सीमांत क्षेत्रों को खोलने के सुधारों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
एलजी मनोह सिन्हा ने कहा कि हमारे कृषि विश्वविद्यालय नवाचार आधारित पहल और समग्र दृष्टिकोण ज्ञान-आधारित, प्रौद्योगिकी-संचालित और टिकाऊ कृषि-अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। वहीं स्कॉस्ट कश्मीर के वीसी प्रोफेसर नजीर-ए गनई ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्य सचिव अटल डुल्लु, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव संतोष डी वैद्य सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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