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(सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : सोशल मीडिया
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ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) भर्ती धांधली के आरोपी उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के पूर्व परीक्षा नियंत्रक राजेंद्र पोखरिया की जमानत याचिका स्पेशल विजिलेंस जज चंद्रमणि राय की अदालत ने खारिज कर दी है। आरोपी को जांच के बाद एसटीएफ ने आठ अक्तूबर 2022 को आयोग के पूर्व अध्यक्ष आरबीएस रावत, सचिव मनोहर कन्याल के साथ गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में बंद है।
विदित है कि उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग की ओर से मार्च 2016 में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चयन परीक्षा करवाई गई थी। परीक्षा का परिणाम 30 मार्च 2016 को घोषित किया गया था। विभिन्न शिकायतों के आधार पर परीक्षा में धांधली के मद्देनजर तत्कालीन अपर सचिव की अध्यक्षता में वर्ष 2017 में एक जांच समिति गठित की थी। जांच समिति की ओर से अनियमितताओं की पुष्टि करने के बाद भर्ती परीक्षा निरस्त कर दी गई और जांच विजिलेंस को सौंप दी गई थी।
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