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Prayagraj News : shuats
– फोटो : अमर उजाला।
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शुआट्स में जिन 69 शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता की बात सामने आई है, उनमें मौजूदा चीफ प्रॉक्टर डॉ. देवराज वडगू भी शामिल हैं। विशेष ऑडिट के दौरान यह बात सामने आई है कि उन्हें नियम विरुद्ध तरीके से अर्हता तिथि के पहले ही एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति दी गई। यही नहीं अन्य परिणामी लाभ भी दिए गए। यह भी पता चला है कि वह शासन में पदस्थ एक उच्च अधिकारी के भाई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, विशेष ऑडिट के दौरान जांच एजेंसी ने डॉ. वडगू की व्यक्तिगत पत्रावलियाें की समीक्षा की तो कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पता चला कि असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर उनके चयन के समय स्पष्ट रूप से पद उपलब्ध ही नहीं था। आरोप यह भी है कि करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत एसोसिएट प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति के लिए पूर्व सेवाओं का अनियमित लाभ भी दिया गया। इसके चलते निर्धारित समय से पहले ही उन्हें परिणामी लाभाें का भुगतान कर दिया गया।
जांच में यह भी बात सामने आई है कि कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज में दो मई 2005 को उनकी प्रोन्नति एसोसिएट प्रोफेसर पद पर की गई। जबकि शासनादेश के मुताबिक, इसके लिए बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर अनिवार्य नौ वर्ष की सेवा के आधार पर एसो. प्रोफेसर पद पर चयन के लिए वह 23 अगस्त 2014 से ही अर्ह थे।
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