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शुआट्स विश्वविद्यालय में नियुक्ति में अनियमितता मामले में पूर्व रजिस्ट्रार सर्वजीत हावर्ड और ऑफिस सुप्रीटेंडेंट अशोक संदीप सिंह की जमानत अर्जी जिला न्यायालय से खारिज हो गई है। नियमों की अनदेखी करके शिक्षको की नियुक्ति का आरोप है। इस मामले में एसटीएफ ने नैनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। दो फरवरी को एसटीएफ ने दोनों को गिरफ्तार किया था।
शुआट्स में चीफ प्रॉक्टर की नियुक्ति भी जांच के घेरे में
शुआट्स में जिन 69 शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता की बात सामने आई है, उनमें मौजूदा चीफ प्रॉक्टर डॉ. देवराज वडगू भी शामिल हैं। विशेष ऑडिट के दौरान यह बात सामने आई है कि उन्हें नियम विरुद्ध तरीके से अर्हता तिथि के पहले ही एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति दी गई। यही नहीं अन्य परिणामी लाभ भी दिए गए। यह भी पता चला है कि वह शासन में पदस्थ एक उच्च अधिकारी के भाई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, विशेष ऑडिट के दौरान जांच एजेंसी ने डॉ. वडगू की व्यक्तिगत पत्रावलियाें की समीक्षा की तो कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पता चला कि असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर उनके चयन के समय स्पष्ट रूप से पद उपलब्ध ही नहीं था। आरोप यह भी है कि करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत एसोसिएट प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति के लिए पूर्व सेवाओं का अनियमित लाभ भी दिया गया। इसके चलते निर्धारित समय से पहले ही उन्हें परिणामी लाभाें का भुगतान कर दिया गया।
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