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गेहूं की फसल।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
किसानों पर मौसम की मार बढ़ती जा रही है। बढ़ते तापमान से गेहूं झुलसने लगा है। फरवरी में बारिश नहीं होने के कारण मार्च में भी मौसम गर्म हो रहा है। हालांकि 14 मार्च को बारिश की संभावना जताई जा रही है।
वर्तमान समय में असामान्य रूप से शुष्क चल रहे मौसम में गेहूं की फसल पर संकट दिखाई दे रहा है। मार्च में तापमान में बढ़ोतरी और सामान्य से ऊपर जाने के कारण गर्मी के बढ़ने से गेहूं की फसल अभी से ही झुलसने लगी है।
फरवरी में भी मौसम गेहूं की फसल के लिए अनुकूल नहीं था और अब मार्च की शुरुआत भी ऐसे ही हुई है। मार्च के पहले 12 दिन और रात का तापमान सामान्य से ऊपर रहा है, जिसका असर सीधे तौर गेहूं की फसल पर दिखाई दे रहा है। मौसम में अभी आगे भी बदलाव रहेगा।
ज्यादा तापमान से नुकसान
-खेतों में नमी धीरे-धीरे सूखने लगती है।
-नमी के सूखने से गेहूं के दाने पर असर पड़ता है।
-बढ़ते तापमान में उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है।
-समय से पहले गेहूं पकने लग जाता है।
-खेतों में नमी बनाकर रखे और जैविक खादों का प्रयोग करें।
-इस बार तापमान फरवरी में भी अन्य वर्षों की अपेक्षा ज्यादा था।
-गर्मी ज्यादा पड़ने से गेहूं का बीज काफी कमजोर हो जाता है।
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