सख्ती : झूठ बोलकर बार-बार याचिका दायर करना पड़ा महंगा, कोर्ट ने तीनों को गिरफ्तार कर कल पेश करने का दिया आदेश

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(सांकेतिक तस्वीर)

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– फोटो : सोशल मीडिया

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झूठा हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को गुमराह करने वाले वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र के निवासी अमित कुमार निगम, अखिलेश कुमार गुप्ता उर्फ  सोनू तथा श्रीमती सरोज गुप्ता के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही पुलिस कमिश्नर वाराणसी को इन्हें गिरफ्तार कर शनिवार को दो बजे कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है।

और एक याचिका खारिज होने के बाद झूठा हलफनामा देकर दोबारा याचिका दाखिल करने वाले वकीलों महताब आलम, वर्षा सिंह को भी कोर्ट में हाजिर होने को कहा है । चेतावनी दी है कि हाजिर नहीं हुए तो कोर्ट उनका लाइसेंस निरस्त करने सहित प्रतिकूल आदेश भी जारी करेगी। याचिका की सुनवाई शनिवार, 3 दिसंबर को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने अमित कुमार निगम की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने दोनों याचिकाओं की पत्रावली भी तलब की है। मालूम हो, चौक थाने में दर्ज आपराधिक मामले के खिलाफ  याचिका दाखिल की गई है। याची के दोनों अधिवक्ता कोर्ट में बहस करने नहीं आए। विपक्षी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इससे पहले दाखिल एक याचिका खारिज हो चुकी है जबकि एक याचिका लंबित है। 

कोर्ट ने कहा, इन्हीं वकीलों ने पहले की याचिकाएं दाखिल कीं जबकि इस याचिका में लिखा कि यह पहली याचिका है। कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने तीनों याचियों को गिरफ्तार कर पेश करने का निर्देश दिया है।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झूठा हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को गुमराह करने वाले वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र के निवासी अमित कुमार निगम, अखिलेश कुमार गुप्ता उर्फ  सोनू तथा श्रीमती सरोज गुप्ता के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही पुलिस कमिश्नर वाराणसी को इन्हें गिरफ्तार कर शनिवार को दो बजे कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है।

और एक याचिका खारिज होने के बाद झूठा हलफनामा देकर दोबारा याचिका दाखिल करने वाले वकीलों महताब आलम, वर्षा सिंह को भी कोर्ट में हाजिर होने को कहा है । चेतावनी दी है कि हाजिर नहीं हुए तो कोर्ट उनका लाइसेंस निरस्त करने सहित प्रतिकूल आदेश भी जारी करेगी। याचिका की सुनवाई शनिवार, 3 दिसंबर को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने अमित कुमार निगम की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने दोनों याचिकाओं की पत्रावली भी तलब की है। मालूम हो, चौक थाने में दर्ज आपराधिक मामले के खिलाफ  याचिका दाखिल की गई है। याची के दोनों अधिवक्ता कोर्ट में बहस करने नहीं आए। विपक्षी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इससे पहले दाखिल एक याचिका खारिज हो चुकी है जबकि एक याचिका लंबित है। 

कोर्ट ने कहा, इन्हीं वकीलों ने पहले की याचिकाएं दाखिल कीं जबकि इस याचिका में लिखा कि यह पहली याचिका है। कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने तीनों याचियों को गिरफ्तार कर पेश करने का निर्देश दिया है।



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