सख्ती: हिमाचल में अवैध रूप से पेड़ काटने पर अब 50 हजार की कटेगी डैमेज रिपोर्ट, अधिनियम में होगा संशोधन

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Now Rs 50,000 damage report will be deducted for illegal tree cutting in Himachal, Forest Conserva

अवैध पेड़ कटान(फाइल)
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


अवैध रूप से पेड़ काटने पर अब 50 हजार तक की डैमेज रिपोर्ट (क्षति प्रतिवेदन) कटेगी। हिमाचल प्रदेश में वन संपदा के संरक्षण के लिए वन अधिनियम के तहत नियमों को और सख्त किया जा रहा है। वन विभाग की ओर से इसे लेकर प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया है। पेड़ों को काटने पर मौजूदा समय में पेड़ के आकार के आधार पर डैमेज रिपोर्ट काटने का प्रावधान है। आमतौर पर 10 से 15 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाता है। इसे अब न्यूनतम 50 हजार रुपये करने की तैयारी है।

इसके अलावा निर्माण कार्य के दौरान जंगलों में मलबा ठिकाने लगाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई करने का प्रस्ताव है। ठेकेदार निर्माण के दौरान निकलने वाला मलबा चोरी-छिपे सड़क किनारे जंगलों में ठिकाने लगाते हैं, जिससे बहुमूल्य वन संपदा को भारी नुकसान होती है। इतना ही नहीं, बड़े प्रोजेक्टों के निर्माण के दौरान डंपिंग साइट चिह्नित न होने पर भी जंगलों को नुकसान पहुंचाया जाता है। आग से जंगलों को होने वाले नुकसान की सूरत में जानबूझ कर आग लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

वनों को नुकसान पहुंचाने पर अब भारी भरकम जुर्माना चुकाना होगा। निर्माण कार्य के लिए जानबूझ कर पेड़ सुखाने पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों विशेषकर शिमला शहर में भवन निर्माण के लिए प्लाट खाली करने को तेजाब डालकर हरे पेड़ सुखाए जा रहे हैं, ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के प्रावधान का प्रस्ताव है। आग से जंगलों को होने वाले नुकसान की सूरत में जानबूझकर आग लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

वन अधिनियम में संशोधन सरकार के विचाराधीन

हिमाचल प्रदेश में वनों के संरक्षण के लिए वन अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित है। यह मामला सरकार के विचाराधीन है। – राजीव कुमार, प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल

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