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सांसद दानिश अली का स्वागत करते कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
– फोटो : सोशल मीडिया
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आखिर वही हुआ जिसकी उम्मीद थी। कांग्रेस ने दानिश अली अमरोहा से प्रत्याशी घोषित कर दिया है। उन्होंने कुछ दिन पहले ही हाथी की सवारी छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा लिया था। लेकिन उनके लिए कांग्रेस के 40 साल के सूखे को खत्म करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। क्योंकि कांग्रेस के कुछ पदाधिकारी उनको टिकट दिए जाने की मुखालफत कर रहे थे।
2019 में दानिश अली जनता दल (एस) को छोड़कर बसपा शामिल हो गए। जिसके बाद वह अमरोहा से टिकट लेने में कामयाब रहे। इस चुनाव में उन्होंने भाजपा के कंवर सिंह तंवर को हराया था। पिछले काफी समय से उनका कांग्रेस के प्रति प्रेम दिखाई दिया।
दिसंबर 2023 में बसपा हाईकमान ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। कयासों के बीच बुधवार को उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली थी। वहीं, शनिवार को को उनके नाम पर मुहर भी लग गई। बता दें कि अमरोहा लोकसभा सीट पर 1984 में कांग्रेस को जीत हासिल हुई थी।
उसके बाद से कांग्रेस का खाता नहीं खुल सका है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सपा से गठबंधन में है और अमरोहा सीट एक कांग्रेस के खाते में आई है। कांग्रेस इस सीट पर पिछले चालीस साल से खाता खुलने का इंतजार कर रही है।
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