सनसनीखेज: उन्हें जिंदा वापस नहीं जाने देना… कहते हुए भागे थे हमलावर, ताला व्यापारी के परिवार ने बताई आपबीती

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मिश्रित आबादी वाले अतिसंवेदनशील अलीगढ़ के सराय सुल्तानी में सोमवार रात हुए उपद्रव के बाद मंगलवार को तनावपूर्ण शांति रही। समूचा इलाका पुलिस पहरे में रहा। एडीजी आगरा जोन सहित आला पुलिस अधिकारी भ्रमण करते रहे। मारपीट, पथराव व फायरिंग के आरोप में एक पक्ष की ओर से दो मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, जिसमें सपा नेता सहित 19 नामजद व 40 आरोपी बनाए गए हैं। होटल संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से भी दो तहरीरें मंगलवार शाम दी गई हैं। इधर, पुलिस टीमें आरोपियों को चिह्नित कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हैं। घटनाक्रम सोमवार देर शाम करीब साढ़े आठ बजे का है, जब सासनी गेट पक्की सराय का ताला व्यापारी युवक आगरा रोड सराय सुल्तानी के ताज होटल पर खाना लेने आया था। तभी वहां बाइक खड़ी करने के विवाद में दूसरे समुदाय के युवक से कहासुनी हो गई। इसी विवाद में दोनों पक्षों में मारपीट के बीच जबरदस्त पथराव हुआ। बाद में दो राउंड हवाई फायर भी किए गए। विवाद दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण इलाके में तनाव कायम हो गया।

पहला मुकदमा ताला व्यापारी परिवार के दिलीप वार्ष्णेय की ओर से दर्ज कराया गया है, जिसमें कहना है कि सोमवार रात वह जब रेलवे रोड अपनी दुकान से वापस आ रहा था, तभी ऊन मार्केट में मीट की दुकान पर भीड़ लगी थी। एक व्यक्ति को पीटा जा रहा था। जब वे बीच बचाव कराने पहुंचे पता चला कि उसके भाई अंकित को पीटा जा रहा है। 

 

इस दौरान खुद उसे, अंकित व दूसरे भाई हिमांशु को जमकर पीटा गया। जिसमें होटल ताज के मालिक मेहराज, सपा नेता नाजिम, आमिर, गुलजार, वारिस, सोननी, वसीम, काके, शमशाद, अब्दुल, मेहताब, रफीक, फैज, फारुक, वारिस, नौशाद, सलमान, शान, कासिफ, भूरा व अन्य 20-25 अज्ञात आरोपी शामिल थे। 

 

इन्होंने जान से मारने की नियम से धारदार हथियार से प्रहार किया। जिसमें अंकित व दिलीप घायल हो गए। भागते समय कहा कि इन्हें जिंदा वापस नहीं जाने देना है। इस पर फायर झोंका। साथ में पथराव किया, जिससे अफरा तफरी का माहौल बन गया। दिलीप बेहोश हो गया, उसके भाई अंकित वार्ष्णेय व हिमांशु की सोने की चेन तोड़ ली व रुपये भी लूट लिए। यह मुकदमा धारा 147, 148, 149, 392, 307, 336, 506 में दर्ज किया गया है। 

दूसरे मुकदमे में भी होटल संचालक व उसके भाई आरोपी

इस उपद्रव में दूसरा मुकदमा अंकित वार्ष्णेय की ओर से है। जिसमें होटल ताज के संचालक व उसके भाई को नामजद किया है। कहा है कि वह अपने साथियों संग गिलहराज मंदिर जा रहा था। तभी झगड़ा होते देख वहां रुक गया। 

 

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