उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के साथ ही परिवहन व्यवस्था भी चरमरा गई है। मैदानी इलाकों में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी घने कोहरे के चलते ट्रेनों की रफ्तार थम गई। 70 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें दो से छह घंटे की देरी से चलीं। वहीं, एयरपोर्ट पर सुबह ज्यादातर विमानों की कृत्रिम लाइटिंग के सहारे आवाजाही कराई गई। इससे 20 से अधिक विमान 15 से 30 मिनट की देरी से चले।
हावड़ा दूरंतो छह घंटे व प्रयागराज एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से चली। इसी तरह रांची गरीब रथ पांच घंटे, जयनगर गरीब रथ छह घंटे, आला हजरत एक्सप्रेस 4.30 घंटे, लखनऊ-नई दिल्ली 4.30 घंटे, दिल्ली-होशियारपुर चार घंटे, उदयपुर सिटी सात घंटे, सप्तक्रांति छह घंटे, पटना तेजस चार घंटे, शिवगंगा पांच घंटे, चंपारण हमसफर चार घंटे की देरी से चली। इस वजह से यात्रियों को परेशान होना पड़ा। बुधवार को भी ज्यादातर ट्रेनें देरी से चलने के आसार हैं।
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उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के साथ ही परिवहन व्यवस्था भी चरमरा गई है। मैदानी इलाकों में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी घने कोहरे के चलते ट्रेनों की रफ्तार थम गई। 70 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें दो से छह घंटे की देरी से चलीं। वहीं, एयरपोर्ट पर सुबह ज्यादातर विमानों की कृत्रिम लाइटिंग के सहारे आवाजाही कराई गई। इससे 20 से अधिक विमान 15 से 30 मिनट की देरी से चले।