[ad_1]

Accident demo
– फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
डेढ़ दशक से ज्यादा पुराने यात्री वाहन सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं। पर्यावरण और यात्रियों की सुरक्षा के हिसाब से ये वाहन अब उतने सुरक्षित नहीं हैं। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पास फ्लाईओवर पर 18 साल पुरानी बस का स्टेयरिंग अचानक फ्री हो गया। बस अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर पर चढ़ गई। हालांकि उस दौरान जाम लगा था। अगर जाम न होता तो हालात भयावह हो सकते थे, क्योंकि बस में 39 यात्री थे जिनकी सांसें अटक गई थीं।
घटना सुबह साढ़े नौ बजे की है। 39 यात्रियों को लेकर जम्मू रेलवे स्टेशन से कटड़ा के लिए बस रवाना हुई। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के सामने स्टेयरिंग फ्री हो गया और चालक नियंत्रण खो बैठा। जाम के चलते उसने बस को डिवाइडर पर चढ़ा दिया और बस को रोकने की कोशिश की जिसमें वह काफी हद तक कामयाब रहा, लेकिन डिवाइडर पर मिट्टी गिली होने के चलते टायर फिसल गए और दूसरे लेन के पास बस रुक गई। अगर गति तेज होती तो न सिर्फ फ्लाईओवर की दूसरी लेन पर बस आ जाती बल्कि नीचे गिरने की भी संभावना थी।
चालक पवन कुमार ने कहा कि मशीनरी की नियमित जांच की जाती है। सुबह रेलवे स्टेशन से आते समय ऐसा नहीं लगता था कि कोई खराबी है। फ्लाईओवर में ट्रैफिक जाम होने के कारण गति कम थी। ऐसे में बस को नियंत्रण करने में ज्यादा मुश्किल नहीं आई। अगर गति तेज होती तो बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि बस में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्हें दूसरी बस में बिठाकर कटड़ा रवाना किया गया। वाहन पोर्टल के अनुसार बस (जेके02एए0959) का 2005 में पंजीकरण हुआ है। फिटनेस सर्टिफिकेट 15 दिसंबर और रुट परमिट अगले साल 2 जुलाई तक है।
[ad_2]
Source link