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डॉ. रामकुमार जायसवाल।
– फोटो : अमर उजाला।
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पलकों पर बार-बार सूजन हो रही है, गांठ बन रही है या घाव हो रहा है तो सावधान रहने की जरूरत है, यह कैंसर भी हो सकता है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में हर माह ऐसे 35 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं, जिसमें कैंसर की पुष्टि हो रही है। इनमें से 50 फीसदी मरीज कैंसर के तीसरे और चौथे स्टेज में पहुंच रहे हैं, जिन्हें इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि पलकों का कैंसर धीरे-धीरे बढ़कर शरीर के किसी भी अंग तक पहुंच सकता है। इसलिए समय-समय पर आंखों की जांच कराते रहें।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि पलकों के कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह बीमारी पहले 50 वर्ष से अधिक लोगों में मिलती थी, लेकिन अब यह छोटे बच्चों में भी देखने को मिल रही है।
पांच से 15 वर्ष तक के बच्चों में रेटिनोब्लास्टोमा नाम का जानलेवा कैंसर मिल रहा है। राहत की बात यह है कि बच्चों के आंखों में दिक्कत होने पर अभिभावक समय पर इलाज के लिए आ जा रहे हैं, जिसकी वजह से उनका सही समय पर इलाज हो जा रहा है।
वहीं, 50 वर्ष से ऊपर के मरीजों में कार्सिनोमा कैंसर हो रहा है। इसमें 50 फीसदी मरीज ऐसे समय आ रहे हैं, जब कैंसर तीसरे और चौथे स्टेज में पहुंच जा रहा है, जो आंखों की पलकों के साथ-साथ आंखों के अंदर मेलिंगनेंट कैंसर का रूप ले ले रहा है, जो ज्यादा खतरनाक है। मेलिंगनेंट कैंसर आंख के किसी भी भाग में हो सकता है।
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