[ad_1]

हाईरिस्कवे कालका-शिमला फोरलेन।
– फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल में भारी बारिश के बीच और नेशनल हाईवे को फोरलेन में तबदील करने के चलते यहां सफर करना खतरनाक हो गया है। हाईवे हाईरिस्कवे बन गए हैं। प्रदेश को सीधे जोड़ने वाले तीन बड़े नेशनल हाईवे कालका-शिमला, पठानकोट-मंडी और चंडीगढ़-मनाली पर सफर जरा संभलकर करें। पहाड़ियों से लगातार भूस्खलन हो रहा है। पत्थर और चट्टानें टूटकर गिर रही हैं। हालांकि, सरकार ने कर्मचारी और पूरी मशीनरी फील्ड में उतारी है। मलबा और पत्थर गिरने से कालका-शिमला फोरलेन को बीच-बीच में सिंगल लेन करना पड़ रहा है, लेकिन इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया या फोरलेन निर्माण करने वाली कंपनी की ओर से कोई दिशा सूचक नहीं लगाया जा रहा है।
इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। वाहन चालकों को आगे जाकर पता चलता है कि रास्ता बंद है। उन्हें वापस मुड़कर दूसरे लेन पर आना पड़ रहा है। कालका-शिमला फोरलेन पर पहाड़ियों से गिरते पत्थर वाहन चालकों के लिए जानलेवा हो सकते हैं। शुक्रवार को पहाड़ी से गिरे मलबे और पत्थर की चपेट मे आने से दो कार चालक बाल-बाल बचे। सुबह 10:05 बजे दत्यार के समीप पहाड़ी से अचानक मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। इससे दूसरी लेन से कालका की ओर जा रही कार के बोनट के ऊपर से चट्टान का एक टुकड़ा निकल गया।
[ad_2]
Source link