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सावन सोमवार के दिन सुबह उठकर स्नान करें और इसके बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करें. इसके साथ ही माता पार्वती और नंदी को भी गंगाजल या दूध चढ़ाएं.

सावन के सातवें सोमवार और नाग पंचमी भी है. ऐसे में नाग देवता और सावन सोमवार की पूजा का एक साथ संयोग बहुत शुभ माना जा रहा है. इसलिए नाग देवता की भी पूजा करें

पंचामृत से रुद्राभिषेक करें और बेल पत्र अर्पित करें. इसके बाद शिवलिंग पर धतूरा, भांग, आलू, चंदन, चावल चढ़ाएं.

प्रसाद के रूप में भगवान शिव को घी-शक्कर का भोग लगाएं और धूप, दीप से भगवान भोलेनाथ की आरती करें.

सावन सोमवार पूजा सामग्री
फूल, पंच फल पंच मेवा, पूजा के बर्तन, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगाजल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, कपूर, धूप, दीप, रूई, चंदन, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार सामग्री.
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